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नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और भाजपा के सुधाकर कोहले के बीच कड़ा मुकाबला रहा।
पहले राउंड में वंजारी को 28,998 और कोहले को 28,071 वोट मिलने की जानकारी दी गई।
बागी उम्मीदवार नितेश कराले को पहले राउंड में 14,708 वोट मिलने का दावा किया गया।
पोस्टल बैलेट के 204 वैध मतों में वंजारी को 101 और कोहले को 86 वोट मिले।
नितेश कराले ने एक मतपेटी में आठ अतिरिक्त मत मिलने का दावा कर आपत्ति जताई।
Abhijit Wanjari Vs Sudhakar Kohale: नागपुर विधान परिषद के लिए नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस-महाविकास आघाड़ी के अभिजीत वंजारी और भाजपा महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहले के बीच कांटे की टक्कर ने दोनों पक्षों के नेताओं की बेचैनी बढ़ा दी।
कुल 1,65,909 वोटों की गिनती के पहले राउंड में 84,003 मतों की गिनती रात 8 बजे करीब समाप्त हुई। पहले राउंड की गिनती में तो कमल यानी भाजपा खतरे में नजर आई क्योंकि कांग्रेस ने 927 वोटों की बढ़त बना ली थी।
कांग्रेस उम्मीदवार वंजारी को 28,998 वोट मिले, जबकि कोहले को 28,071 वोट हासिल हुए, वहीं मविआ के बागी उम्मीदवार राकां के नितेश कराले ने आश्चर्यजनक तरीके से 14,708 वोट प्राप्त कर लिये थे।
वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में डटे हैं। रात करीब 9.30 बजे शेष 81,909 वोटों की गिनती शुरू कर दी गई थी। बुधवार तड़के तक दूसरे दौर की गिनती जारी रही। बताया गया कि दूसरे दौर में बीजेपी के कोहले ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। आधिकारिक घोषणा उसके बाद भी नहीं हुई। अंतिम रिजल्ट बुधवार सुबह तक ही स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।
मतों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हो गई थी। पहले मतपेटियों से मतपत्रिका बाहर निकालकर 25-25 के गड्ढे बनाने का कार्य शुरू किया गया। कुल 1,65,672 वोटिंग हुई थी और पोस्टल बैलेट 238 आये थे।
गड्ढे बनाने की प्रक्रिया के बाद वास्तविक गिनती दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई। 84 टेबलों पर प्रत्येक 1,000 वोट के हिसाब से 84,000 वोटों की गिनती शुरू की गई। शाम तक कई बार कभी कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी के आगे होने तो कभी भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले के आगे होने की खबरें बाहर आती रहीं।
हालांकि प्रशासन की ओर से कोई अधिकृत घोषणा नहीं की जा रही थी। शाम करीब 5 बजे कोहले के 6,000 वोटों से आगे आने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। करीब डेढ़ घंटे के बाद ही कांग्रेस के वंजारी के लगभग 7,000 वोटों से आगे हो जाने की खबर आने लगी।
जानकारी मिली कि करीब 50 से 55 टेबलों पर वंजारी आगे चल रहे थे। इतना ही नहीं, मविआ के बागी राकां के नितेश कराले को भी इस समय तक करीब 10,000 वोट मिलने की खबर वायरल होने लगी थी।
पहले चरण में तो 84 टेबलों में 84,000 वोटों की गिनती की गई। इसमें लगभग 5-6 घंटों का समय लगा।
उसके बाद दूसरे राउंड में शेष 81,909 वोटों की गिनती शुरू की गई। बताते चलें कि कुल 445 मतदान केन्द्रों में 788 मतपेटियां थीं जिनमें से कुल 1,65,705 मतपत्रिका निकलीं।
पोस्टल बैलेट में कुल 204 वैध मतपत्रिका को मिलाकर कुल 1,65,909 वोटों की गिनती पूरी करनी थी।
सबसे पहले पोस्टल बैलेट की काउंटिंग हुई। इस सीट पर कुल 238 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोटिंग की थी। इसमें से 34 अवैध घोषित किए गए।
कुल 204 वैध वोट में बंजारी को 101 वोट और कोहले को 86 वोट हासिल हुए, अन्य को 17 वोट मिले। पोस्टल बैलेट में वंजारी आगे रहे।
चुनाव में जीत और हार भले ही किसी की भी हो लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा नितेश कराले की होती रही, शाम को जब पहले राउंड के परिणाम आए तब नितेश को मिले वोटों ने राजनीतिक पंडितों के गणित बिगाड़ दिए।
आघाड़ी के वोटों में सेंध लगाने के लिए बीजेपी के नेताओं ने शरद पवार गुट की राकां के इस बागी को मैदान में पूरी तैयारी से उतारा था। नितेश से बीजेपी को यह उम्मीद थी कि वो कांग्रेस और आघाड़ी के विचारधारा के वोट खाकर बीजेपी की राह आसान कर देंगे।
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस के बागी उम्मीदवार नितेश कराले ने एक मतपेटी से 8 मत अधिक निकलने का दावा करते हुए आपत्ति जताई और चुनाव आयोग के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मांग की कि कम से कम मतपत्रों के जरिए होने वाले चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
भाजपा से बगावत कर नामांकन दाखिल करने वाले पूर्व विधायक अनिल सोले ने नाम वापसी की अंतिम तिथि को नामांकन वापस नहीं लिया था, जिसके चलते मतपत्रिका में उनका नाम कायम था।
हालांकि सीएम देवेन्द्र फडणवीस की अपील पर उन्होंने मैदान से हटने की घोषणा कर अधिकृत उम्मीदवार कोहले के समर्थन में काम करने की बात कही थी। पहले राउंड की काउंटिंग में उन्हें भी 99 वोट हासिल हुए हैं। दूसरे राउंड की गिनती में अधिकतर टेबलों में कोहले के आगे रहने रहने की जानकारी मिली थी।
मतगणना के दौरान आधी रात के करीब उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब कांग्रेस-बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों दलों के युवा कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करना शुरू कर दिया।
नारेबाजी इतनी तीव्र हो गई कि बात मारपीट तक पहुंचने वाली थी। इतने में पुलिस ने दोनों तरफ के युवाओं को एक दूसरे से दूर हटा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि किसी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में अपशब्द कहे तब बवाल शुरू हुआ। राहुल के विरोध में शुरू हुई नारेबाजी का जवाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वोट-चोरी के नारे से दिया।
बीजेपी कार्यकर्ता लगातार राहुल को भला-बुरा कहते रहे, जबकि कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने वोट चोर-गद्दी छोड़ के नारे लगाते रहे। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के नहीं होने से कोई स्थिति संभालने वाला नहीं था। निर्दलीय प्रत्याशी भी बिफरे उधर सुबह मतगणना स्थल में कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए धरना देकर हंगामा किया।