Nagpur News: खासदार सांस्कृतिक महोत्सव समिति की “जागर भक्ति का” आध्यात्मिक पहल के तहत गीता परिवार के सहयोग से आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम ने शनिवार को नागपुर की धरती पर एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
कुल 302 स्कूलों के कक्षा 5वीं से 12वीं तक के 52,559 छात्रों ने एक साथ, एक ही स्वर में भगवद्गीता के 12वें, 15वें और 16वें अध्याय का सामूहिक पाठ किया। इस भव्य आयोजन को वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इन तीनों संस्थाओं ने आधिकारिक रूप से दर्ज किया।
यह आयोजन ईश्वर देशमुख शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय के मैदान में हुआ। कार्यक्रम में गीता परिवार के संस्थापक अध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, संस्कार भारती की अध्यक्षा कंचनताई गडकरी, विधायक प्रवीण दटके, गीता परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय मालपानी, अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आषुजी गोयल, अनिल सोले, और रेणु अग्रवाल की प्रमुख उपस्थिति रही। श्रीनिवास वर्णेकर और वंदना वर्णेकर ने छात्रों को गीता का अर्थ, उच्चारण और दर्शन सिखाया। उन्हें नितिन गडकरी के हाथों सम्मानित किया गया। वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया के एडजुडिकेटर संजय और सुषमा नार्वेकर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के एडजुडिकेटर मनोज तत्ववादी भी इस अवसर पर मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मंच पर बैठे छात्रों ने जैसे ही गीता पाठ प्रारंभ किया, पूरे मैदान में उपस्थित हजारों छात्रों ने एकसाथ स्वर मिलाया। सामूहिक पाठ से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय और दिव्य हो गया। कार्यक्रम का संचालन रेणुका देशकर ने किया।
गडकरी ने कहा कि “गीता पाठ के विश्व रिकॉर्ड का यह क्षण आनंद और गर्व का है। भगवद्गीता जीवन का दर्शन है। इस पाठ के माध्यम से बच्चों में उत्तम संस्कार विकसित होंगे और उन्हें जीवन जीने का सही मार्ग मिलेगा।”
स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज ने कहा कि “यदि देश को जागृत करना है, तो हर क्षेत्र में ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।” उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए नितिन गडकरी को बधाई देते हुए कहा कि भगवद्गीता जीवन की मार्गदर्शिका है जो इसे अपनाएगा, वह उत्तम, सफल और योग्य नागरिक बनेगा।