Nagpur Fire Department Staff Shortage: नागपुर सिटी के अग्निशमन विभाग द्वारा भले ही हर विपरीत स्थिति में सेवाएं दी जा रही हों किंतु पूरी व्यवस्था लगभग पतन के कगार पर पहुंच गई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां विभाग में 872 पद मंजूर हैं वहीं वर्तमान में विभाग केवल 126 कर्मचारियों के भरोसे चलने का सनसनीखेज खुलासा स्वयं अग्निशमन विभाग के मुखिया तुषार बाराहाते ने किया है।
अग्निशमन विभाग में 80% से अधिक स्वीकृत पद या तो खाली पड़े हैं या उन्हें अस्थायी आधार पर भरा गया है जिसके कारण पूरा सिस्टम चरमरा गया है और शहर की सुरक्षा गंभीर रूप से दांव पर लग गई है।
अग्निशमन विभाग में कुल 872 स्वीकृत पद हैं लेकिन वर्तमान में केवल 126 नियमित कर्मचारी और 56 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ही कार्यरत हैं। फ्रंटलाइन यानी जमीनी स्तर पर स्थिति और भी भयावह है। फायरमैन के 500 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 37 स्थायी कर्मचारी और 56 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ही ड्यूटी पर तैनात हैं। आग बुझाने के प्रोटोकॉल के तहत चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों का 3 शिफ्ट (पालियों) में काम करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मदद के लिए फिलहाल अन्य विभागों से 65 कर्मचारियों को अग्निशमन विभाग में सेवा मांगी गई है। इसके अलावा 100 युवकों को इन्टर्नशिप पर रखा गया था जिनमें से जुलाई तक 80 ही कार्यरत हैं। पुनः इन्टर्नशिप पर 100 युवकों की भर्ती की जाएगी।
बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए सिटी में मौजूदा 12 फायर स्टेशन अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए 10 नए फायर स्टेशन प्रस्तावित है जो बजाजनगर, अंबाझरी, नरसाला, मानेवाड़ा, चिंचभवन, दाभा, वायुसेना नगर, ठाकरे लेआउट, वांजरा और वांजरी में बनाए जाएंगे, इनके बनने के बाद कुल फायर स्टेशनों की संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी। लकडगंज में मौजूदा स्थान पर 14।89 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं वाला नया फायर स्टेशन बनाने के लिए प्रशासनिक मंजूरी पहले ही दे दी गई है।
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बाराहाते ने कहा कि लंबे समय से आकृतिबंद मंजूर होने के बाद भी कुछ तकनीकी मुद्दों के कारण भर्ती प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगी हुई थी। किंतु अब तमाम तकनीकी खामियों को दूर किया जा चुका है। जल्द ही इन 350 पदों को भरने के लिए जीआर भी जारी होने की आशा उन्होंने जताई। उन्होंने कहा कि इन 350 पदों को भरने के बावजूद अग्निशमन विभाग की स्ट्रेन्थ कम ही होगी किंतु वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों पर से काम का बोझ कम होगा, तनाव कम होने से कर्मचारी बेहतर ढंग से कार्य कर सकेंगे।