Nagpur Encroachment Municipal Action: नागपुर सिटी में अतिक्रमण को लेकर हाई कोर्ट द्वारा कई बार फटकार और हाल ही में अतिक्रमण और अन्य मुद्दों को लेकर मनपा आयुक्त द्वारा शुरू किए गए मिशन-100 डेज का असर यह रहा कि अब अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। मनपा के धरममेठ जोन के सहायक आयुक्त राजकुमार मेश्राम ने सख्ती दिखाते हुए अब बार-बार अतिक्रमण किए जाने पर सीधे फौजदारी मामला दर्ज करने की कड़ी चेतावनी दी है।
धरमपेठ जोन की ओर से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मेश्राम ने अवैध रूप से कब्जा करने वाले दुकानदारों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति कार्रवाई के बावजूद बार-बार उसी जगह पर फिर से दुकान लगाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ अब सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
नंदनवन में जमकर हंगामा, ट्रक पर चढ़ी महिलाएं मनपा के दस्ते ने गंगाबाई घाट परिसर से जगनाड़े चौक तक सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर बैठे अवैध ठेलों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई की। टीम ने लगभग एक ट्रक सामान और 2 ठेले जब्त किए, जब टीम तीसरा ठेला जब्त कर रही थी तभी शुभम खोबरागड़े नामक एक हाँकर ने मनपा कर्मचारियों और पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की और गालीगलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते अन्य हॉकर्स भी पुलिस और कर्मचारियों से भिड़ गए और हंगामे का फायदा उठाकर कुछ हॉकर्स जब्त किया गया तीसरा ठेला लेकर भाग निकले। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब टीम दूसरे इलाके में जाने के लिए निकली, कुछ महिलाएं मनपा के ट्रक पर चढ़ गईं और जब्त किए गए ठेलों को वापस छीनने का प्रयास करते हुए विवाद करने लगीं। इस गंभीर घटना के बाद दस्ता प्रमुख ने नंदनवन पुलिस स्टेशन में हॉकर्स के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया है।
अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ दस्ते ने मानेवाड़ा रोड स्थित हनुमाननगर में संत रविदास छात्रालय (संस्था), प्लॉट नंबर 4 में बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की।
यह भा पढ़ें:-नागपुर मनपा कर्मियों के लिए बड़ी सौगात, बैंक ऑफ महाराष्ट्र से समझौता; मिलेगा 1.25 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा
यहां ग्राउंड फ्लौर के खाली छोड़े जाने वाले स्थान (मार्जिनल स्पेस) में टीन की छत और ईंटों की दीवारें बनाकर लगभग 574.69 वर्गमीटर का अवैध निर्माण किया गया था। मनपा के जीन कार्यालय द्वारा इस संबंध में महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम 1966 की धारा 53 (1) के तहत 3 जनवरी 2023 को ही नोटिस जारी किया गया था।