मुख्यमंत्री ने नरखेड़ तालुका के लोहारी सावंगा गांव में रात बिताई।
अरुणाताई बालपांडे ने तिलक लगाकर उनकी भाऊबीज मनाई।
सुबह मुख्यमंत्री ने परिवार के हाथों बना तर्री पोहा खाया।
Devendra Fadnavis Celebrates Diwali In Nagpur: सूखे की मार झेल रहे किसानों को हौसला और आत्मविश्वास देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बार दिवाली एक किसान परिवार के साथ मनाई। उन्होंने नरखेड़ तालुका के लोहारी सावंगा गांव में किसान रामभाऊ बालपांडे के घर रात बिताई।
सुबह उठकर घर की महिलाओं के हाथों से बना तर्री पोहा नाश्ते में खाया और परिवार के साथ दिवाली की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने घर से विदा होते समय परिवार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके साथ दिन बहुत आनंद में बीता और रात में अच्छी नींद आई।
इस दौरान रामभाऊ की पत्नी अरुणाताई ने भाई की तरह मुख्यमंत्री का औक्षण कर भाऊबीज मनाई। उन्होंने आत्मीयता से आग्रह किया कि अगले साल दिवाली पर अपनी पत्नी (भाभी) को भी साथ लेकर आएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें पोहा काफी पसंद है और सप्ताह में कम से कम चार दिन नाश्ते में पोहा खाते हैं। रात में ठंड के कारण परिवार ने घर के परिसर में अलाव जलाया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार ने उन्हें अलाव के बारे में बताया नहीं, वरना वह भी लंबे समय बाद इसका आनंद लेते। रामभाऊ बालपांडे और उनकी पत्नी अरुणाताई ने मुख्यमंत्री का परिवार के सदस्य की तरह स्वागत किया।
उनके बेटे प्रवीण और अजय तथा बहुरानी स्वाति ने अपने हाथों से भोजन तैयार किया। परिवार की सात महीने की नातिन नारायणी की यह पहली दिवाली थी, जो मुख्यमंत्री के साथ मनाई गई। उसके पिता प्रवीण ने खुशी जताते हुए कहा कि जब नारायणी बड़ी होगी तो उसे मुख्यमंत्री के साथ दिवाली मनाने की तस्वीरें दिखाएंगे।
मुख्यमंत्री ने सुबह किसान परिवार के घर पर ही दिवाली त्योहार के अवसर पर अभ्यंग स्नान किया। इसके बाद अरुणाताई और परिवार की अन्य महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से उनका औक्षण किया। भाऊबीज के मौके पर अरुणाताई ने तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। मुख्यमंत्री ने भी बहन को उपहार देकर भाई-बहन के इस पर्व की रस्म निभाई।
गांव से रवाना होते समय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बालपांडे परिवार के साथ उनका आत्मीय जुड़ाव हो गया है। परिवार ने उनका बहुत अच्छा आतिथ्य किया। किसान रामभाऊ बालपांडे को भी सूखे की मार झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार के तीन खातेदारों को कर्जमाफी का लाभ मिला है, यह संतोष की बात है।
उन्होंने बताया कि बालपांडे परिवार पंढरपुर की वारी में शामिल होता है और भगवान विठ्ठल की आराधना करता है। ऐसे परिवार विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का हौसला रखते हैं।
नाश्ते के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात 75 वर्षीय कमलाबाई मानेराव से भी हुई। उन्होंने उम्र के कारण कामकाज नहीं कर पाने की समस्या बताते हुए बकरी पालन के प्रस्ताव और दिव्यांग बेटे को आर्थिक सहायता दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
साथ ही कमलाबाई को निराधार अनुदान योजना का लाभ दिलाने की संभावना की भी जांच करने को कहा। मुख्यमंत्री ने मुंबई शहर में रहने वाली परिवार की रिश्तेदार रामेश्वरी सावरकर से भी मोबाइल पर बातचीत की और उन्हें मुंबई में किसी तरह की परेशानी होने पर मिलने आने को कहा।