Nagpur Congress Leadership Change: नागपुर शहर में कांग्रेस की गुटबाजी हमेशा चर्चा का विकास ठाकरे शहर अध्यक्ष पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे। उनके इस्तीफा देने के बाद सीनियर सदस्य प्रफुल गुडधे को अध्यक्ष बनाया गया है। तभी से ठाकरे गुट ने देवड़िया से भी दूरी बना ली है। गुडधे की नियुक्ति के बाद उनके नेतृत्व में हुए किसी आंदोलन या कार्यक्रम में ठाकरे गुट के नगरसेवक व समर्थक शामिल नहीं हुए।
इतना ही नहीं, विधान परिषद उम्मीदवार का चयन करने के लिए हुई बैठकों से भी इस गुट ने दूरी बनाए रखी। 6 जून को गुडधे का सिविल लाइंस स्थित वसंतराव देशपांडे सभागृह में पदग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। पूर्व शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे के हाथों वे जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे। कहा जा रहा है कि यह समारोह शहर कांग्रेस की 'एकजुटता' की अग्निपरीक्षा होगी। देखना यह होगा कि क्या ठाकरे समर्थक नगरसेवक व अन्य पदाधिकारी-कार्यकर्ता इस समारोह में शामिल होते हैं या नहीं।
पदग्रहण समारोह में जिले के सारे पार्टी नेता, विधायक, सांसद पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहने वाले है। समझा जा रहा है कि यह गुडघे का पहला दिन होगा और उनके समर्थकों की ओर से शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। सभी पदाधिकारियों, सभी शाखाओं के अध्यक्ष, ब्लाक अध्यक्ष, नगरसेवक, पूर्व नगरसेवक, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, सेवादल के निष्ठावान पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से उपस्थिति की अपील की गई है।
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लेकिन महकमे में चर्चा यह भी शुरू है कि ठाकरे गुट के 20-22 नगरसेवक इस आयोजन से दूरी बना सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो नाराजगी व गुटबाजी फिर उजागर होगी, दरअसल नये शहर अध्यक्ष की नियुक्ति के समय ठाकरे अपने ही किसी करीबी का चयन चाहते थे लेकिन सुनील केदार गुट के समझे जाने वाले गुडघे को नियुक्त कर दिया गया, उसके बाद से ठाकरे गुट ने देवड़िया कांग्रेस भवन तक से दूरी बना ली है।