CM Devendra Fadnavis Welcomed Coal Railway Rake: महाराष्ट्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्तीसगढ़ स्थित महानिर्मिती (Mahagenco) की अपनी गारे पालमा सेक्टर-2 कोयला खदान से कोराडी थर्मल पावर स्टेशन पहुंची पहली कोयला रैक का भव्य स्वागत किया। यह कदम न केवल राज्य की बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विदर्भ को राज्य के 'पावर हब' के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोयला हैंडलिंग प्लांट का निरीक्षण किया और उपस्थित अधिकारियों व नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस खदान से मिलने वाला कोयला अत्यंत उच्च गुणवत्ता का है। उच्च कैलोरी मान (High Grade) होने के कारण बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी और कम कोयले के इस्तेमाल से अधिक ऊर्जा पैदा की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस परियोजना के दूरगामी लाभ गिनाते हुए कहा उच्च गुणवत्ता वाले कोयले और परिवहन लागत में कमी आने से भविष्य में बिजली की दरों को कम करने में मदद मिलेगी। बेहतर कोयले के जलने से प्रदूषण कम होगा, जो पर्यावरण के लिहाज से सकारात्मक है। राज्य में लोडशेडिंग की समस्या खत्म होगी और सरकार का लक्ष्य किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। गारे पालमा खदान से अगले 77 वर्षों तक उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।
गारे पालमा सेक्टर-2 छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एक प्रमुख कोयला खदान परियोजना है, जो महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (Mahagenco) द्वारा संचालित की जाती है। यह परियोजना 1,583 हेक्टेयर में फैली है और इसमें 77 वर्षों तक कोयले की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने की क्षमता है।
यह भी पढ़ें:- मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में देरी, 1 मई को उद्घाटन पर संशय, जानें क्या है असली वजह
गारे पालमा खदान से न केवल कोराडी, बल्कि चंद्रपुर और परली ताप विद्युत केंद्रों को भी लंबे समय तक कोयले की आपूर्ति की जाएगी। महाजेनको (Mahanirmiti) के पास अपनी खुद की खदान होने से अब कोयले की गुणवत्ता और आपूर्ति पर पूर्ण नियंत्रण रहेगा। इससे पहले कोयले की कमी या खराब गुणवत्ता के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित होता था, लेकिन अब उस जोखिम को समाप्त कर दिया गया है।
इस कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह परियोजना महाराष्ट्र के दीर्घकालिक सतत विकास (Sustainable Development) के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।