Nagpur Fire Safety Rules: नागपुर महल स्थित गांधी गेट के पास कपड़े के शोरूम में लगी आग के बाद अचानक नींद के जागी महानगरपालिका ने अब फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। एक्शन मोड में आए अग्निशमन विभाग समिति की सभापति रूपाली ठाकुर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी तुषार बाराहाते ने ऐसी इमारतों का सर्वे कर उचित कार्रवाई करने की जानकारी पत्र-परिषद में दी।
उन्होंने कहा कि अग्निरोधक उपकरणों की कमी के चलते आग की घटना हुई है। यहीं कारण है कि प्रतिष्ठान के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभापति रूपाली ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार इमारत 18 मीटर के भीतर की होने के कारण अग्निरोधक उपकरणों की कमी के लिए तो अग्निशमन विभाग ने कार्रवाई की है किंतु इमारत ही अवैध होने के कारण अब जोन की ओर से कार्रवाई करना जरूरी है। चूंकि इमारत ही अवैध है, ऐसे में यहां पर किसी तरह का व्यवसाय भी नहीं हो सकता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि इसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को वर्ष 2022 में भी नोटिस दिया गया था जिसके बाद प्रतिष्ठान ने अग्निरोधक उपकरण लगाए जाने का फॉर्म जमा किया था। उन्होंने कहा कि कोई भी आवासीय या व्यावसायिक इमारत का निर्माण करने से पूर्व टाउन प्लानिंग से नक्शा पास कराना होता है। यदि नक्शे में इमारत की ऊंचाई 18 मीटर से अधिक है तो अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होता है लेकिन इस प्रतिष्ठान ने नक्शा ही मंजूर नहीं कराया था।
जिन एजेंसियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायियों को संबंधित विभाग से गलत तरीके से 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) दिलवाया जाता है उनकी अब गहन जांच की जाएगी और उन पर भी कार्रवाई होगी। बिना उचित अनुमति या एनओसी के चल रही बड़ी इमारतों और व्यवसायों पर विभाग द्वारा केवल नोटिस देकर खानापूर्ति की जाती है।
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विभाग इन पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं करता, अब इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। इसमें जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अनुमति से जुड़े मुद्दों पर नगर रचना विभाग और अग्निशमन विभाग अक्सर एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल देते हैं। सभापति ने स्पष्ट किया है कि विभागों के इस रवैये की भी अलग से जांच की जाएगी।