Nagpur Metro Land Reservation: नागपुर जिले में बुटीबोरी एमआईडीसी के पास स्थित रुई खेरी के किसान और जमीन मालिक पिछले कई वर्षों से एक अजीबोगरीब सरकारी दुष्चक्र में फंसे हुए हैं। महा मेट्रो द्वारा योजना में बदलाव के बाद मेट्रो डिपो की आवश्यकता खत्म होने के बावजूद उन जमीनों पर लगा 'आरक्षण' अब भी नहीं हटाया गया है।
इसके कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार रुई-खखैरी क्षेत्र में मेट्रो डिपो के लिए करीब 80 एकड़ जमीन प्रस्तावित थी जिसे नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) के माध्यम से आरक्षित किया गया था।
हालांकि महा मेट्रो ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि उसे अब इस जमीन की आवश्यकता नहीं है और उसने इस पर अपना दावा छोड़ दिया है। इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर औपचारिक रूप से यह आरक्षण रद्द न किए जाने के कारण जमीन मालिक अपनी संपत्ति का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
पिछले 15 महीनों से प्रभावित किसान और जमीन मालिक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें अब तक न तो प्रशासनिक और न ही कोई राजनीतिक दिलासा मिली है।
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प्रभावित किसान चंद्रदास ढोकले, सुनील कीटे ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह समस्या पूरी तरह से प्रशासन की निर्षक्रयता के कारण पैदा हुई है। जब परियोजना ही रद्द हो गई है तो जमीन पर आरक्षण बनाए रखने का क्या औचित्य है? इस आरक्षण के कारण हम न तो जमीन बेच सकते हैं, न बैंक से ऋण ले सकते हैं और न ही अपनी भूमि पर कोई विकास कार्य कर सकते हैं।
क्षेत्र के निवासियों और प्रभावित किसानों ने अब मांग की है कि राज्य सरकार और एनएमआरडीए तत्काल प्रभाव से रुई-खैरी की इन जमीनों से मेट्रो डिपो का आरक्षण हटाए और किसानों को उनकी जमीन पर पूर्ण अधिकार वापस दे।