नागपुर: विधानसभा चुनाव के मुहाने पर जब महायुति सरकार अनेक योजनाएं शुरू कर रही हैं। लाडली बहन योजना भी इसी में से एक है। महायुति में शामिल सभी दल इस योजना को जोर-शोर से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। एनसीपी नेता अजित पवार इस योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए जन सम्मान यात्रा कर रहे हैं। ऐसे समय में कामठी के भाजपा विधायक टेकचंद सावरकर ने लाडली बहन योजना के संदर्भ में अपने भाषण में विवादित बयान देकर महायुति को मुश्किल में ला दिया है। उनका एक भाषण सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा जिसमें वे जिले के मौदा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सभा में बोल रहे हैं। उसके बाद तो विपक्ष को भी बीजेपी व महायुति सरकार को घेरने का बड़ा मुद्दा मिल गया है।
कामठी विधायक टेकचंद सावरकर अपने भाषण में लाडली बहन योजना के संदर्भ में सभा में उपस्थित महिलाओं से पूछ रहे हैं कि "इतनी बड़ी भांगड़ क्यों की हमने, ईमानदारी और अपने अंत:करण से बताओ। इसलिए कि जिस दिन तुम्हारे घर के सामने इलेक्शन की पेटी आएगी तो मेरी ये लाडली बहना ‘कमल’ को वोट देगी। इसके लिए हमने ये जुगाड़ किया।" इतना कहकर भी वे नहीं रुके। उन्होंने कहा कि सब झूठ बोलते होंगे लेकिन मैं सच बोल रहा हूं। हम क्या रामदेव बाबा के कार्यकर्ता हैं।
सावरकर का भाषण वायरल होते ही विरोधी पार्टी नेताओं को बीजेपी सहित महायुति को घेरने का बड़ा मुद्दा मिल गया है। वैसे भी लाडली योजना शुरू होते ही विपक्षी नेताओं इसे चुनावी लाॅलीपाप बताते हुए दावा किया था कि चुनाव के बाद योजना बंद हो जाएगी। अब सावरकर ने उनके दावों पर मुहर लगा दी है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "अंततः महागंठबंधन आगे आया। महागठबंधन में वोटों का अकाल है, इसलिए लाडली बहन योजना वोटों का जुआ है। इस बीजेपी विधायक ने माना कि महागठबंधन के सभी नेता झूठ बोलते हैं। लाडली बहन योजना माताओं-बहनों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि वोट पेटी को लाभ पहुंचाने के लिए है।"
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कुछ विपक्षी नेताओं ने कहा कि इससे साबित होता है कि महाराष्ट्र कैबिनेट में जो-जो योजनाएं मंजूर हो रही हैं उसके पीछे का उद्देश्य वोट हासिल करना है। भाजपा की मंडली उसी में लगी है। विपक्ष के नेताओं ने कहा कि सावरकर के बयान से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा और महायुति सरकार ने लाडली बहन योजना केवल विधानसभा चुनाव में लाभ कमाने के लिए लाई है।