नागपुर भाजपा गुटबाजी, (सोर्स: सौजन्य AI) 
नागपुर

नागपुर भाजपा में बढ़ती गुटबाजी: कांग्रेस के बाद अब भाजपा में भी खींचतान, जीत के जश्न में भी दिखी फूट

Nagpur BJP Internal Conflict: नागपुर में भाजपा के भीतर गुटबाजी के संकेत दिखने लगे हैं। चुनाव जीत के जश्न में भी अलग-अलग आयोजन हुए, जिससे पार्टी के अनुशासन और एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अंकिता पटेल

Nagpur BJP Celebration Divide: नागपुर शहर कांग्रेस की गुटबाजी हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है। पार्टी के कार्यक्रम देवड़िया भवन में अलग और उत्तर नागपुर में अलग आयोजित होते हैं। पूर्व, पश्चिम और उत्तर की खींचतान सर्वविदित है। हालांकि अब समय पड़ने पर एक मंच पर सभी गुट के नेता नजर आते हैं। लगता है अब शहर भाजपा भी उसी राह पर आगे बढ़ रही है। गुटबाजी पहले 'बाड़ा' और 'बंगला' तक सीमित थी लेकिन अब यह निचले स्तर पर भी पहुंच गई है।

भाजपा अनुशासित पार्टी के रूप में पहचानी जाती है और यहां पार्टी हित व्यक्ति से ऊपर रखा जाता है। अब यह डिसिप्लिन खोने लगा है। आपसी खींचतान साफ तौर पर दिखाई दे रही है। 4 मई को जब 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम में 3 राज्यों में भाजपा की जीत हुई। खासकर पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस का सफाया हो गया तो भाजपा खेमे में देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई।

नागपुर शहर भाजपा की ओर से भी पार्टी कार्यालय में जश्न मनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पहुंचने को कहा गया। शहर अध्यक्ष की सूचना पर केवल मध्य व पूर्व के विधायक ही पहुंचे। फॉर्मेलिटी पूरी करने के बाद वे अपने क्षेत्रों में लौट गए और वहां अलग से जीत का जश्न मनाया गया।

अपनी-अपनी ताल

पूर्व शहर अध्यक्ष व विधायक ने मध्य नागपुर में बडकरा बौक पर जीत का शानदार जश्न मनाया। झालमुड़ी बांटी गई और जमकर केसरिया गुलाल उड़ाया गया, ढोल-ताशी की धुन पर जमकर डांस भी हुआ, वे पहले पार्टी कार्यालय धंतोली के जश्न में शामिल हुए थे।

फिर फोटो सेशन के बाद निकल गए, ऐसा ही पूर्व नागपुर में हुआ। पूर्व नागपुर के पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधायक के नेतृत्व में सतरंजीपुरा चौक पर अलग से जश्न मनाया। सबकी अपनी-अपनी ताल नजर आई।

इतना ही नहीं, नागपुर मनपा की एक महिला पदाधिकारी ने अपने एरिया धरमपेठ में अलग से जान का आयोजन किया हुआ था। यह सब देख राजनीतिक महकमे में एक चर्चा यह भी चल रही है कि विद्यमान अध्यक्ष के साथ दिखावे की एकजुटता दिखाई जा रही है, जबकि भीतरी खींचतान जमकर चल रही है।

नहीं पहुंचे विधायक सहित अनेक पदाधिकारी

पश्चिम बंगाल में भगवा लहराना बीजेपी का मिशन था जिसमे वह सफल रही। इतनी बड़ी जीत का जश्न तो बनता ही था, आश्चर्य की बात यह भी रही कि शहर भाजपा के पार्टी कार्यालय में आयोजित जश्न से दक्षिण के विधायक, सीएम के बेहद करीबी विधान परिषद सदस्य, पूर्व विधायक व जिलाध्यक्ष, पूर्व सांसद, मनपा के अनेक पदाधिकारी दूर रहे, यह चर्चा का विषय बना रहा।

मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग तेज, सीजेपी ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

चापलूसी का शौक है तो मोदी के चपरासी बन जाओ, ज्ञानेश कुमार पर भड़के अभिजीत दीपके

M3M Hurun Rich List 2026: भारत के टॉप 10 अमीर कारोबारी, जानें किसकी कितनी संपत्ति

ग्लोबल हेल्थ मीटिंग में भारत ने छोड़ी छाप, प्राइमरी से लेकर टर्शियरी केयर तक का मॉडल दुनिया को दिखाया

Women Helplines: महिला सुरक्षा के लिए सरकार की 10 सुविधाएं, हेल्पलाइन से कानूनी मदद तक; जानें कहां मिलेगी मदद