नागपुर एपीएमसी, चंद्रशेखर बावनकुले(सोर्स: सोशल मीडिया)  
नागपुर

नागपुर एपीएमसी को राष्ट्रीय पहचान, किसानों और व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी; विदर्भ को बड़ा लाभ

Nagpur APMC News: नागपुर कृषि उपज मंडी को 'राष्ट्रीय महत्व के बाजार' का दर्जा मिला है। इससे विदर्भ के किसानों, व्यापारियों और कृषि अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

अंकिता पटेल

Nagpur APMC Gets National Market Status: विदर्भ के आर्थिक और कृषि क्षेत्र को एक नई ऊंचाई देते हुए महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर कृषि उपज मंडी (एपीएमसी) को 'राष्ट्रीय महत्व के बाजार' का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सालाना 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक कृषि उपज के टर्नओवर और देश के 11 राज्यों से होने वाली आवक को देखते हुए नागपुर मंडी को यह बड़ा सम्मान मिला है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिशा-निर्देशों तथा राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के लगातार प्रयासों के चलते पणन (विपणन) मंत्री जयकुमार रावल ने यह निर्णय लिया। इसके बाद नागपुर की कृषि मंडी अब सीधे देश के मुख्य व्यापारिक प्रवाह से जुड़ गई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधान मंडल द्वारा कृषि उपज मंडी कानून में 31 दिसंबर 2025 को किए गए संशोधन के बाद मंगलवार को यह अधिसूचना जारी की गई है।

30 दिनों की 'फास्ट ट्रैक' व्यवस्था

व्यापार को सुगम बनाने के लिए एक बेहद मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की गई है। यदि किसान, व्यापारी और बाजार समिति के बीच उपज की गुणवत्ता, वजन, भुगतान (पेमेंट) या ई-प्लेटफॉर्म के लेन-देन को लेकर कोई भी विवाद होता है तो प्राधिकृत अधिकारी को 30 दिनों के भीतर मामले का निपटारा (संक्षिप्त रूप में फैसला) करना अनिवार्य होगा। इस फैसले के खिलाफ अगले 30 दिनों में राज्य सरकार के पास अपील की जा सकेगी। अपीलीय प्राधिकरण को भी उस अपील पर 30 दिनों के भीतर ही अपना अंतिम फैसला सुनाना होगा।

ऐसी होगी 'हाईपावर कमेटी' (बाजार समिति) की संरचना

राष्ट्रीय दर्जा मिलने के बाद इस मंडी के संचालन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जिसका स्वरूप इस प्रकार होगा। अध्यक्ष व उपाध्यक्ष राज्य के पणन मंत्री और पणन राज्य मंत्री शासकीय प्रतिनिधि कृषि और पणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी किसान प्रतिनिधि स्थानीय और अन्य राज्यों के मिलाकर कुल 7 किसान प्रतिनिधि व्यापारी व विशेषज्ञ: 3 व्यापारी और 1 कृषि विशेषज्ञ मुख्य सचिव सह-निबंधक स्तर के शासकीय अधिकारी विशेष आमंत्रित सदस्य वर्ग-ए स्तर के अधिकारी जिन्हें मतदान का अधिकार नहीं होगा

11 राज्यों से आवक और सालाना रिकॉर्ड टर्नओवर

  • व्यापक कार्यक्षेत्र मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक समेत देश के 11 राज्यों से यहां कृषि उपज की आवक होती है।
  • प्रमुख फसले: यहां बड़े पैमाने पर कपास, सोयाबीन, संतरा, अनाज और सब्जियों की खरीद-बिक्री होती है।
  • रिकॉर्ड राजस्व वर्ष 2024-25 के दौरान इस मंडी ने 62 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार राजस्व दर्ज किया है।
  • सिंगल ट्रेड लाइसेंस पूरे महाराष्ट्र के लिए 'यूनिकोड' आधारित एक ही लाइसेंस मान्य होगा।
  • अंतरराज्यीय ई-व्यापार अन्य राज्यों के व्यापारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यहां सीधे व्यापार कर सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार का केंद्र बनेगा नागपुर

अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापार केंद्र हमारा संकल्प नागपुर को बनाने का है। किसानों की उपज को सही ग्रेडिंग और वैश्विक मूल्य मिले इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया गया है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। अब विदर्भ का कृषि माल सीधे देश और दुनिया के बाजारों में पहुंचेगा।

- राजस्व मंत्री, चंद्रशेखर बावनकुले

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