डेढ़ माह से धान खरीदी बंद, 10 पत्र भेजे, पर नहीं मिली नई लिमिट; 280 करोड़ के चुकारे अटके

Bhandara Farmers: भंडारा जिले में डेढ़ महीने से धान खरीदी बंद है और 36 हजार से अधिक किसानों के 280 करोड़ रुपये के भुगतान अटके हैं, जबकि नई लिमिट को मंजूरी मिलने का इंतजार जारी है।
MSP paddy payment
farmers pending dues (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bhandara Paddy Procurement Stopped: भंडारा जिले में पिछले डेढ़ महीने से खरीफ सीजन की धान खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है। सरकारी समर्थन मूल्य पर संचालित विभिन्न खरीदी केंद्रों पर ताले लटक रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बारे में पूछने पर सहायक जिला मार्केटिंग अधिकारी एस.बी. चंद्रे ने बताया कि धान खरीदी दोबारा शुरू करने के लिए लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।

इसके लिए जिला कार्यालय की ओर से पणन विभाग मुख्यालय और राज्य सरकार को अब तक लगभग 10 पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन शासन स्तर से अभी तक नई लिमिट को मंजूरी नहीं मिली है। इसी तकनीकी बाधा के कारण जिले के केंद्रों पर धान की आवक रुक गई है।

नए आदेशों की प्रतीक्षा

उल्लेखनीय है कि सरकार ने धान खरीदी के लिए 31 मार्च की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है। शासन का दावा है कि कोई भी पात्र किसान धान बेचने से वंचित नहीं रहेगा, लेकिन नई लिमिट को मंजूरी देने में हो रही देरी सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। जब तक मुख्यालय से नई सीमा तय नहीं की जाती, तब तक खरीदी शुरू करना संभव नहीं है। वर्तमान में जिले के 252 खरीदी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है और केंद्र संचालक व कर्मचारी नए आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

पंजीयन घटा, खरीदी बढ़ी

जिला पणन विभाग ने सरकार से 20 लाख क्विंटल अतिरिक्त धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने की मांग की है, ताकि शेष किसानों का धान खरीदा जा सके। अभी तक जिले के 88,115 किसानों से कुल 31,57,313.79 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की कुल खरीदी से अधिक है। पिछले वर्ष 28,93,668.25 क्विंटल धान खरीदा गया था।

इस बार पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 12,145 की कमी आई है, फिर भी धान की आवक में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष कुल 1,56,715 किसानों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया, जिनमें से 88,115 किसान अपना धान बेच चुके हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले धान बेचने वाले किसानों की संख्या कम होने के बावजूद प्रति किसान उत्पादकता बढ़ने से खरीदी का आंकड़ा 2,63,645 क्विंटल अधिक रहा है।

36,149 किसानों को चुकारे का इंतजार

खरीदी बंद होने के साथ किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या भुगतान की बन गई है। जिले में अब तक 747.96 करोड़ रुपये से अधिक का धान खरीदा जा चुका है। सरकार की ओर से 31 दिसंबर तक खरीदे गए धान का भुगतान कर दिया गया है, जिससे 51,966 किसानों को 467.83 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।

हालांकि इसके बाद धान बेचने वाले 36,149 किसानों के लगभग 280.13 करोड़ रुपये के चुकारे अब भी लंबित हैं। भुगतान नहीं मिलने से किसानों को रबी फसलों की तैयारी और घरेलू खर्चों के लिए साहूकारों या बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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