Nagpur Airport Upgradation: नागपुर अर्जे से इंतजार था। आश्वासन कई बार मिले थे, लेकिन मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। विदर्भकी उड़ान थम सी गई थी। उम्मीदों पर 'ग्रहण' लग रहा था। बड़े नेताओं को भी समझ नहीं आ रहा था कि 'अड़ंगा' कहा है और कैसे दूर हो। बुधवार को वो घड़ी आ गई, जिसका संपूर्ण विदर्भ के विमान यात्री बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागपुर विमानतल के 'अपग्रेडेशन' के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब जीएमआर पीपीपी मॉडल पर इस एयरपोर्ट को सही मायने में इंटरनेशनल बनाने की पहल करेगा।
30 साल के लिए जीएमआर को संचालनः 'मिहान इंडिया लिमिटेड' को अधिकार दिया गया है कि वह एयरपोर्ट का संचालन और विकास जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएनआईएएल) को अगले 30 वर्षों के लिए सौंप सके,
इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। भविष्य में यहां हर साल करीब 3 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता तैयार होगी। मौजूदा 400 हेक्टेयर एयरपोर्ट को 1,200 हेक्टेयर तक बढ़ाया जाएगा। नई सुविधा में 50 विमानों के लिए पार्किंग, 50 अतिरिक्त बे, एक अलग कार्यों कॉम्प्लेक्स और नई टर्मिनल बिल्डिंग शामिल होगी। पूरा होने पर 14 मिलियन यात्री और सालाना 0।87 मिलियन टन कार्गो संभालने की क्षमता होगी।
आईसीएओ-अनुपालन सुविधाएं, रनवे का अपग्रेडेशन और दीर्घकालिक रखरखाव की व्यवस्था होगी। एयरपोर्ट पर एडवांस फॉग लैंडिंग सिस्टम और मिड-प्वाइंट रनवे विजुअल रेंज सिस्टम पहले ही लगाया जा चुका है। अब सीएटी-II सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है जिससे कम विजिबिलिटी में भी फ्लाइट सुरक्षित लैंड कर सकेगी।
नागपुर को 'जीरो माइल सिटी' कहा जाता है और यह मध्य भारत का अहम एयर कनेक्शन सेंटर है, उद्योग जगत का मत है कि वरिष्ठ अधिकारियों की यात्रा, हवाई माल दुलाई और सप्लाई चेन के लिए आधुनिक एयरपोर्ट जरूरी है। इस मंजूरी से नागपुर एविएशन और लॉजिस्टिक्स का ग्लोबल हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
जीएमआर का दावा किया है कि नागपुर एयरपोर्ट को ग्लोबल कनेक्टिविटी का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इससे कंपनी का कहना है कि लीडिंग ग्लोबल डेस्टिनेशन को जोड़ा जाएगा। वैश्विक सुविधाओं और तकनीक के साथ राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शुरू की जाएगी ताकि यहां के व्यापार और पर्यटन को मदद मिल सके, नया एयरपोर्ट रोजगार सृजन में भी काफी मददगार होने जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि 5 से 8 वर्ष की अवधि के दौरान रनवे एक्सपेंशन (विस्तार) की योजना को रूप दिया जाएगा। नया समानांतर रनवे वर्तमान रनवे के स्पोर्ट में होगा ताकि ट्राफिक बढ़ाने में मदद मिल सके। इसी प्रकार नया एटीसी ट्राफिक कंट्रोल टावर बनाये जाएंगे ताकि आपरेशन को बेहतर और सुचारू बनाया जा सके, माडयूलर ग्रोथ के तहत नागपुर एयरपोर्ट को 40 मिलियन यात्रियों की क्षमता के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
जानकारों की माने तो वर्तमान में एयरपोर्ट का संचालन 485 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रहा है। एमएडीसी, एयरफोर्स एवं अन्य माध्यम से और 700 हेक्टेयर जमीन मिलने की संभावना है, कुल मिलाकर 2,975 एकड़ से अधिक का परिसर एयरपोर्ट के पास होगा, इतना बड़ा क्षेत्रफल देश के कुछ ही एयरपोर्ट के पास है। यही कारण है कि नागपुर एयरपोर्ट को सही मायने में इंटरनेशनल बनाने की प्लानिंग की जा रही है ताकि आने वाले समय में विस्तार की जरूरत ही न पड़े। देश के ई एयरोसिटी 1600 से 1800 एकड़ में ही किया जा रहा है। इससे नागपुर प्यारपोर्ट कहीं अधिक बड़ा होगा।
एयरपोर्ट के विकास को साकार होते देखना लोगों की पहली प्राथमिकता है। वर्षों से लोग इसके 'रंग-रूप', स्वरूप देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कभी फाइल सरकारी कार्यालयों में फंसी, तो कभी अदालत में फंसी। अब जब सब कुछ अनुकूल हो गया है। नागपुर एयरपोर्ट की 'एयरोसिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, एयरोसिटी के लिए पर्याप्त जमीन भी है और धन की कोई कमी भी नहीं है।
देश के कई एयरपोर्ट को एयरोसिटी के रूप में विकसित किया भी गया है और कुछ का विकास इसी तर्ज पर हो रहा है। जानकारों की मानें, तो नागपुर के संबंध में इन तमाम एयरपोर्ट से आगे की सोच रखकर डिजाइन तैयार की जा रही है, सोच काफी बड़ी है। लेकिन यह तभी आकार लेना शुरू करेगा, जब जीएमआर को जमीन का हस्तांतरण हो जाएगा, प्रबंधन जीएमआर के पास आ जाएगा। अभी जीएमआर के अधिकारी भी 'जमीन-जायदाद के इंतजार में बैठे हैं।
एयरोसिटी में वल्र्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर, सात सितारा होटल, रेस्टोरेंट, व्यावसायिक केंद्र बनेंगे। एयरोसिटी के बनने से नए उद्योग लगने की राह खुलेगी। वहीं, बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। आने वाले व्यापारियों, उद्यमियों, पर्यटकों को हवाई यात्रा करने में आसानी होगी। यहां बनने वाले शानदार होटल, रेस्टारेंट, मनोरंजन क्लब में व्यावसायिक कार्यों और छुट्टी मनाने आने वाले यात्रियों के लिए ठहरने के पसंदीदा विकल्प होंगे, एयरोसिटी के अंदर कई उच्ब स्तर के ब्रांडों के उत्पादों की खरीदारी के केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।