नागपुर ट्रैफिक पुलिस का अभियान, सड़क घेरने वाले कबाड़ वाहन जब्त, DCP के आदेश के बाद शहर में शुरू हुई कार्रवाई

Nagpur Traffic Police: नागपुर में सड़क और फुटपाथ घेरकर खड़े कबाड़ वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। डीसीपी लोहित मतानी के निर्देश पर जब्ती कार्रवाई तेज कर दी गई है।
Nagpur Traffic Police Campaign: Dilapidated Vehicles Obstructing Roads Seized; Action Initiated Across the City Following DCP's Orders.
नागपुर ट्रैफिक पुलिस, कबाड़ वाहन कार्रवाई,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Traffic Congestion: नागपुर शहर की सूरत बिगाड़ने वाले और यातायात का गला घोंटने वाले कबाड़ वाहनों के खिलाफ अब प्रशासन ने 'हंटर' चलाना शुरू कर दिया गया है। 'नवभारत' द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित खबर 'फुटपाथ से लेकर सड़क तक कबाड़ वाहन' का शहर ट्रैफिक पुलिस प्रशासन पर कड़ा असर देखने को मिला है।

खबर के प्रकाशन के तुरंत बाद नागपुर शहर ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) लोहित मतानी ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए शहर भर में कड़े एक्शन के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तुरंत बाद ट्रैफिक विभाग की टीमें हरकत में आ गई और सड़कों व चौराहों के किनारे वर्षों से खड़े कबाड़ वाहनों की जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी। अचानक हुई पुलिस की इस सक्रियता से उन कबाड़ व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने खस्ता हाल वाहनों के जरिये सरकारी जमीन को अपनी निजी जागीर समझ लिया था।

कबाड़ व्यवसायियों को चेतावनी

कार्रवाई के साथ-साथ डीसीपी मतानी ने एक कड़ा निर्देश भी जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कबाड़ व्यवसाथियों और वाहन मालिकों को चेतावनी दी है कि सड़क या फुटपाथ पर कबाड़ वाहन, पुरानी मशीनरी या किसी भी तरह का अन्य कबाड़ रखने पर अब केवल जुर्माना नहीं बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों को व्यवसाय के लिए और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पुलिस विभाग ने निर्देश दिया है कि इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन है।

पुणे में संभव तो नागपुर में क्यों नहीं?

नागपुर से पहले पुणे शहर में स्थानीय महानगरपालिका ने अतिक्रमण उन्मूलन अभियान शुरू किया खास बात रही कि पुणे महानगरपालिका का यह अभियान केवल ठेले या दुकानों के सामने व रिहायशी इलाकों में फैले अतिक्रमण तक ही सीमित नहीं है वहां सड़क किनारे या फुटपाथों पर डंके की चोट पर जमा करके रखे गये कंडम या कबाड़ हो चुके वाहनों को भी जब्त किया जा रहा है। देखने में यह सामान्य से कार्रवाई नजर आती हो लेकिन पुणे शहर की सुंदरता और ट्रैफिक के लिए स्पेस बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अब देखना है कि नागपुर महानगरपालिका का अतिक्रमण उन्मूलन विभाग अपने शहर के लिए ऐसा कब सोचेगा और कब एक्शन मोड पर आयेगा ?

ढाक के तीन पात साबित न हो निर्देश

नवभारत' ने अपनी खबर में उजागर किया था कि कैसे इन कडम वाहनों की वजह से न केवल ट्रैफिक जाम लगता है बल्कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी रास्ता नहीं मिल पाता।

अब पुलिस की इस विशेष मुहिम से संकरे रास्ते वाले इलाकों में वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ सुरक्षित होने से सड़क दुर्घटनाओं के खतरे में भी कमी आएगी, इस तारित कार्रवाई ने शहरवासियों के बीच विश्वास बढ़ाया है।

हालांकि डीसीपी मतानी के निर्देश की पूर्ण सफलता तब ही मानी जायेगी जब शहर की सड़को और फुटपाथों को कबाड़खाने में बदल रहे इन कंड़म वाहनों को पूरी तरह से हटा दिया जाये पिछले कई वर्षों में शहर की खस्ता हाल ट्रैफिक व्यवस्था के लिए कई निर्देश और आदेश जारी हुए लेकिन इनमें से कुछ ही है जो आज भी माने जा रहे है। ऐसे में पुलिस का यह एक्शन ढाक के तीन पात साबित न हो।

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