नागपुर एयरपोर्ट, जीएमआर, एयरोसिटी, आधुनिकीकरण,(फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)  
नागपुर

नागपुर एयरपोर्ट का बदलेगा पूरा चेहरा, GMR पहले चरण में खर्च करेगा 300 करोड़

Nagpur Airport: GMR एयरपोर्ट्स ने नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण का बहु-चरणीय रोडमैप जारी किया है। पहले चरण में 300 करोड़ रुपये खर्च कर यात्री सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जाएगा।

अंकिता पटेल

Nagpur Airport Modernisation Aerocity: नागपुर सिटी के साथ-साथ विदर्भ के लोगों ने वर्षों से एयरपोर्ट को लेकर 'बड़े सपने' देखे हैं। इन सपनों के साकार होने का समय आ गया जीएमआर एयरपोर्ट्स लि। (जीएनआईएएल) ने इसके लिए तैयारी कर ली है। पहले चरण में 'फील गुड' को बढ़ाने पर ही लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे यात्रियों के जरूरत वाले हर पहलुओं में सुधार आएगा।

यह दावा कंपनी के कार्यकारी निदेशक एसजीके किशोर और नागपुर एयरपोर्ट के सीईओ श्रीकांत भंडारकर ने किया। किशोर ने कहा कि मध्य भारत का यह प्रमुख यात्री और कागों हब के रूप में उभरेगा, नागपुर की संभावनाओं को हकीकत में बदलने का काम यह एयरपोर्ट करेगा और इसके लिए कंपनी को जो भी कदम उठाना होगा, उठाएगी। जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड ने अपना बहु-चरणीय रोडमैप जारी किया है। इस परियोजना का उद्देश्य सिटी को भारत का प्रमुख विमानन, कार्गो और 'एयरोसिटी' हब बनाना है। एयरपोर्ट हस्तांतरण के बाद पहली बार जीएमआर ने यह जानकारी दी।

नागपुर बनेगा प्रमुख एविएशन कार्गो हब

नागपुर को देश के प्रमुख एविएशन कार्गो हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। जीएमआर समूह ने नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और विस्तार की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। कंपनी का लक्ष्य आधुनिक कार्गो सुविधाओं, नए टर्मिनल और उन्नत एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से नागपुर को मध्य भारत का प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र बनाना है।

इसके लिए नागपुर से जितनी भी सिटी 1 से 2 घंटे के कनेक्शन में हैं, उन्हें कनेक्ट किया जायेगा। किशोर ने कहा कि हमारा यही प्रयास रहेगा कि बड़े कार्गो प्लेयर्स यहां आएं और यहां से दूसरे शहरों को कार्यों का डिस्ट्रीब्यूशन करें।

नागपुर सेंटर में होने के कारण यहां के एयरपोर्ट को बड़ा फायदा होगा। आगे चलकर इसकी कार्गो क्षमता 50,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष होगी। हवाई अड्डे के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने और 25 जून 2026 को लगभग 1,000 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण के बाद जीएमआर ने परिचालन शुरू कर दिया है। पहले चरण के तहत मौजूदा बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और यात्रियों के अनुभव को विश्व स्तरीय बनाने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

आने वाले वर्षों का विकास रोडमैप

प्रथम चरण (12-18 महीने): वर्तमान टर्मिनल का नवीनीकरण, चेक-इन काउंटरों की संख्या में वृद्धि, सेल्फ-चेक-इन कियोस्क, सुरक्षा जांच क्षेत्र का पुनर्गठन, एक्सप्रेस सुरक्षा लेन, नए लाउंज और बस बोर्डिंग गेट्स का विस्तार।

द्वितीय चरण (3-4 वर्ष): 4 मिलियन यात्रियों की क्षमता वाला नया एकीकृत यात्री टर्मिनल, नया कार्गो टर्मिनल, इन-फ्लाइट किचन, फ्यूल फार्म और बेहतर पार्किंग व्यवस्था।

तृतीय चरण (5-8 वर्ष) : दूसरा रनवे का निर्माण, नया एटीसी (एटीसी) टावर और दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करना है।

एयर फोर्स की जमीन मिलना बाकी

अधिकारियों ने बताया कि एयर फोर्स की जमीन हस्तांतरण की प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी है। उन्हें मिहान में जगह भी दी गई है लेकिन जीएमआर को अभी मिलना बाकी है। जमीन मिलते ही नए सिरे से प्लानिंग की जाएगी। यह भी कहा कि एयर फोर्स के विमानों के लिए इसी एयरपोर्ट का इस्तेमाल पूर्ववत जारी रहेगा।

आर्थिक विकास का इंजन

जीएमआर एयरपोर्ट्स के सीईओ भंडारकर ने कहा कि हवाई अड्डे केवल परिवहन के साधन नहीं बल्कि आर्थिक विकास के शक्तिशाली इंजन है। नागपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, यह हब विदर्भ और पूरे क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी और समृद्धि के नए रास्ते खोलेगा।

प्रमुख विशेषताएं और लक्ष्य

क्षमता विस्तार: यात्री क्षमता को वर्तमान 3 मिलियन से बढ़ाकर 30 मिलियन प्रति वर्ष और भविष्य में 50 मिलियन तक ले जाने का लक्ष्य।

एयरोसिटी: हस्तांतरित 1,000 हेक्टेयर भूमि में से 100 हेक्टेयर जमीन व्यावसायिक विकास और 'एयरोसिटी' के लिए आरक्षित की गई है।

स्थिरता : पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचे पर जोर, जिसमे ग्रीन एनर्जी, वर्षा जल संचयन और व्यापक हरियाली शामिल है।

रोड साइड बनेगी एयरोसिटी

सटे जमीन पर 100 हेक्टेयर में भंडारकर ने कहा कि वर्धा रोड से एयरोसिटी बनाने की योजना है। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से पीपीपी आधारित होगी, यहां पर मॉल्स से लेकर मल्टीप्लेक्क और होटल से लेकर बेहतरीन रेस्टोरेंट तक लाए जाएंगे, आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यहां पर बैंक्वेट, मीटिंग रूप बनाने की भी योजना है, ताकि वे अपना दैनिक कार्य यहीं कर सकें, एयरपोर्ट बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार और जीडीपी बढ़ाना भी कंपनी का लक्ष्य है। अब तक जहां भी जीएमआर ने कदम रखा है इसी प्लानिंग के साथ रखा है और हर प्रोजेक्ट को सफलता भी मिली है।

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