

Nagpur MIHAN DP Road Project: नागपुर जिले के मिहान क्षेत्र में पुनर्वास कॉलोनी से खापरी सिम के बीच प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी विकास योजना (डीपी) सड़क के लिए नागपुरवासियों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इससे संबंधित आधिकारिक अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। नई सड़क के निर्माण से वर्धा रोड और नागपुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
महानगरपालिका (मनपा) के नगर रचना विभाग के आयुक्त एवं प्रशासक ने इस सड़क के लिए आवश्यक निजी भूमि के अधिग्रहण का मूल प्रस्ताव 2 मई 2026 को जिलाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया था। इसके बाद, 8 मई 2026 को जिलाधिकारी ने महानगरपालिका को भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही आगे बढ़ाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी। इसी मंजूरी के तहत अब प्रत्यक्ष रूप से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| मार्ग का नाम | मिहान पुनर्वास से खापरी सिम |
| प्रस्तावित चौड़ाई | 30 मीटर |
| अधिग्रहित होने वाला कुल क्षेत्र | 29,396.43 वर्ग मीटर |
| प्रस्ताव की तारीख | 2 मई 2026 |
| अधिग्रहण को मंजूरी | 8 मई 2026 |
| कार्यान्वयन एजेंसी | नागपुर महानगरपालिका (मनपा) |
| मुख्य उद्देश्य | वैकल्पिक संपर्क मार्ग प्रदान करना और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना |
नगर भूमापन विभाग के मोजनी प्रकरण क्रमांक 32/2023 (दिनांक 22 दिसंबर 2023) तथा 30 जून 2024 की संयुक्त मोजनी रिपोर्ट के अनुसार।
आवश्यक निजी भूमि का क्षेत्रफल: 29,396.43 वर्गमीटर
परियोजना की चौड़ाई: 30 मीटर
प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि सड़क को सुचारु रूप से विकसित करने के लिए इस पूरे क्षेत्र का अधिग्रहण किया जाना अनिवार्य है।
यह क्षेत्र नागपुर के बढ़ते शहरी विस्तार के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह जगह महानगरपालिका सीमा से सटी हुई है और नागपुर एयरपोर्ट के काफी करीब है। साथ ही 'न्यू नागपुर' के रूप में विकसित हो रहे सामूहिक केंद्र के दायरे में आने के कारण भविष्य में इस मार्ग का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाएगा।
यह मार्ग विशेष रूप से बेसा, बेलतरोडी और हुडकेश्वर क्षेत्रों से नागपुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए गेम-बेंजर साबित होगा। इस सड़क के बनने के बाद इन इलाकों के लोगों को वर्धा रोड से होकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी जिससे शहर के मुख्य मागों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, अब तक तुलनात्मक रूप से पिछडे या अविकसित रहे क्षेत्रों के नागरिकों को भी बेहतर आवागमन और परिवहन की सुविधाएं मिल सकेंगी।