Adasa Ganesh Temple Nagpur B Category Status: गणेशोत्सव के पावन पर्व के प्रारंभ होने से ठीक पहले महाराष्ट्र के लाखों गणेश भक्तों के लिए एक अत्यंत हर्षोल्लास भरी खबर सामने आई है। नागपुर जिले के कळमेश्वर तालुका स्थित प्रसिद्ध आदासा गणेश मंदिर (शमी विघ्नेश गणपति देवस्थान) को राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से ब वर्ग ग्रामीण यात्रास्थल का दर्जा प्रदान कर दिया गया है।
गणेश चतुर्थी और गणराया के आगमन की जय्यत तैयारियों के बीच आई इस घोषणा से पूरे विदर्भ क्षेत्र और श्रद्धालुओं में खुशी और गौरव की लहर दौड़ गई है।
शासकीय प्रस्तावना के अनुसार, आदासा गणेश मंदिर अब तक क वर्ग के ग्रामीण यात्रास्थल की श्रेणी में सूचीबद्ध था। जिला परिषद नागपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा 18 अगस्त 2026 को इस देवस्थान का दर्जा बढ़ाकर ब वर्ग करने का औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
इसके पश्चात ग्राम विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित State Criteria Committee ने 19 अगस्त 2026 को आयोजित अपनी बैठक में इस प्रस्ताव की विस्तृत छानबीन की। समिति द्वारा योजना के सभी निर्धारित मानदंडों को पूर्ण पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने इस मंदिर को 'ब' वर्ग दर्जा देने की स्वीकृति प्रदान की।
महाराष्ट्र सरकार के ग्राम विकास विभाग ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर ग्रामीण यात्रास्थल योजना के अंतर्गत यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस संबंध में 08 सितंबर 2026 को आधिकारिक शासन निर्णय जारी कर दिया गया है। यह आदेश महाराष्ट्र के राज्यपाल के नाम और आदेश के अनुसार ग्राम विकास विभाग के उप सचिव प्रशांत पाटिल द्वारा जारी किया गया है।
आदासा का यह पवित्र मंदिर विदर्भ क्षेत्र के लाखों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था और विश्वास का प्रमुख तीर्थक्षेत्र है। ब वर्ग का दर्जा मिलने से इस प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर परिसर में बुनियादी ढांचे और अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा।
इसके साथ ही, मंदिर परिसर में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता, यातायात, निवास और दर्शन की सुगम व्यवस्थाओं सहित यात्रास्थल के सर्वांगीण विकास को बड़ी गति मिलेगी।
गणेशोत्सव के मंगलमय माहौल के दौरान मिली इस प्रशासनिक और धार्मिक सौगात से आदासा मंदिर संस्थान, स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से पहुंचने वाले गणेश भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ब वर्ग का दर्जा मिलने से अब मंदिर क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए विशेष सरकारी निधि और अनुदान प्राप्त करने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है।