सीहोर: लाडकुई ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर महाघोटाला! भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण

Panchayat Scam Sehore: सीहोर के लाडकुई में पंचायत विकास कार्यों पर बवाल, ग्रामीणों का आरोप सरपंच और सचिव की मिलीभगत से कागजों में काम दिखाकर डकारी गई सरकारी राशि।
Ladkui Gram Panchayat scam in Sehore
लाडकुई ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर महाघोटाला(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Ladkui Gram Panchayat Scam Sehore: सीहोर जिले के जनपद पंचायत भेरूंदा अंतर्गत ग्राम पंचायत लाडकुई में विकास कार्यों और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है।

ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय के सामने एकत्रित होकर सरपंच और सचिव पर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

साढ़े चार साल में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़ी रकम खर्च दिखाई गई, लेकिन कई काम धरातल पर नजर नहीं आते। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत प्रशासन द्वारा कागजों में काम पूरे दिखाकर सरकारी राशि निकाली गई। उनका आरोप है कि सरपंच और सचिव की कथित मिलीभगत से पंचायत में पारदर्शिता खत्म हो गई है और बिना पर्याप्त काम के लगातार भुगतान किए गए।

खेल मैदान और कुर्सियों के नाम पर लाखों खर्च

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में हुए कथित वित्तीय घोटालों का ब्योरा भी सामने रखा है। उनके मुताबिक खेल मैदान के विकास के लिए करीब 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए, लेकिन मैदान की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह करीब 63 कुर्सियां और चबूतरे लगाने के नाम पर 22 से 25 लाख रुपये तक का खर्च दिखाए जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने इन कार्यों की जांच कराने की मांग की है।

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नाला सफाई और फिश पार्लर योजना पर भी सवाल

ग्रामीणों ने नाला सफाई कार्य को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नालों की सफाई के लिए करीब 10 लाख रुपये का बजट जारी होने के बावजूद मौके पर अपेक्षित सफाई नहीं हुई। इसके अलावा मछली पालन/फिश पार्लर योजना के नाम पर करीब 5 लाख रुपये की सरकारी राशि के कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। किचन शेड निर्माण में भी घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।

जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में हुए कार्यों और भुगतान की निष्पक्ष जांच होने पर कथित अनियमितताओं की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से पंचायत के पिछले साढ़े चार वर्षों के विकास कार्यों, स्वीकृत राशि, भुगतान और निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार सरपंच और सचिव के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

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