Nagpur NMC General Body Meeting: नागपुर शहर में बुधवार को मनपा की सभा में शहर की सार्वजनिक परिवहन सेवा 'आपली बस' की बदहाली, एग्रीमेंट विस्तार और बसों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
विपक्ष नेता संजय महाकालकर ने प्रश्नकाल के दौरान परिवहन सेवा को लेकर सदन में सवाल उठाए, इसमें हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के पार्षद शैलेश पांडे ने शहर की 195 पुरानी डीजल बसों की फिटनेस पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आरटीओ से संपूर्ण तकनीकी ऑडिट कराए बिना इन्हें सड़कों पर न उतारा जाए। वहीं परिवहन विभाग के करीब 190 करोड़ रुपये के सालाना घाटे और बिना सुविधाओं के यात्रियों से हो रही परेशानी का मुद्दा भी सदन में गरमाया रहा।
नागपुर शहर में बुधवार को मनपा की सभा में शैलेश पांडे ने कहा कि बसों का मूल अनुबंध समाप्त होने के बाद भी ऑपरेटरों को अवधि बढ़ाकर दी गई। वर्तमान में चल रहीं अधिकांश बसों की हालत खस्ता है। कई बसों में हैंडब्रेक नहीं हैं, खिड़कियां दरवाजे टूटे हैं और वे यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 15 से 20 करोड़ रुपये मूल्य की इन संपत्तियों को मनपा के दायरे में लाने और नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने के बजाय ऑपरेटरों को मनमाने ढंग से लाभ पहुंचाया जा रहा है। साथ ही पार्षदों द्वारा मांगी जा रही जानकारियों को छिपाने का आरोप भी लगाया गया।
विपक्ष के नेता संजय महाकालकर ने नागपुर परिवहन विभाग के कामकाज को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मनपा की परिवहन सेवा लगभग 190 करोड़ रुपये के घाटे में चल रही है।
शहर में लगभग 530 इलेक्ट्रक और 195 डीजल बसै मिलाकर 700 से अधिक बसै संचालित हो रही है लेकिन न तो रूट का सही प्रबंधन है और न ही समय सारिणी का पालन हो रहा है। आलम यह है कि किसी स्टॉप पर एक साथ 3-3 बसें पहुंचती है तो कहीं यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
चर्चा के अंत में महापौर नीता ठाकरे ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत 15 वर्ष पूरा कर चुकीं पुरानी बसों को स्क्रैप में भेजा जाए और शेष बसों का विधिवत तकनीकी वर्गीकरण कर RTO ऑडिट कराया जाए।
यात्रियों को अचानक असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन 2 से 4 दिनों में पूरी योजना तैयार करे। ऑपरेटरों के साथ हुए अनुबंध (एग्रीमेंट) में उल्लेखित यात्री सुविधाओं व सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाए।