Nagpur Illegal Cattle Sheds: नागपुर शहर की सीमाओं के भीतर आधे से अधिक तबेले महानगरपालिका की बिना अनुमति के अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत यह खुलासा हुआ है। स्पष्ट है कि लोग परेशान हो रहे हैं और बार-बार शिकायतों के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इन्हीं तबेलों से पशु सड़कों पर आ जाते हैं और पूरे सिस्टम को खत्म कर देते हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अभय कोलारकर द्वारा मांगी गई जानकारी के अनुसार शहर में कुल 1,046 तबेले हैं जिनमें से 589 तबेले पूरी तरह से अवैध हैं।
नागपुर शहर बिना नियम-कानून के चल रहे इन तबेलों के कारण शहर की सड़कों पर मवेशी भटकते रहते हैं जिससे लगातार ट्रैफिक जाम होता है और खासकर दोपहिया चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इसके अलावा रिहाइशी इलाकों और सड़कों के किनारे गोबर व गंदा पानी जमा होने से शहर की जल निकासी और सफाई व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। आरटीआई में जब अनधिकृत तबेलों के मालिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया तो मनपा प्रशासन इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका।
नागपुर जिले में आवारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए वाठोडा में मनपा की 'नंदग्राम परियोजना' का काम अंतिम चरण में है, मार्च 2023 में राज्य सरकार ने इसके लिए 104 करोड़ मंजूर किए थे।
पहला चरण (लागत 80.75 करोड़) इसमें 1,750 मवेशियों की क्षमता वाले 70 तबेले, एक पशु अस्पताल, प्रशासनिक भवन, बायोगैस संयंत्र और अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र शामिल हैं।
वर्तमान स्थिति 70 में से 69 तबेलों का निर्माण पूरा हो चुका है, साथ ही अस्पताल और प्रशासनिक भवन भी बनकर तैयार हैं।