Waris Pathan Demands Kangana Ranaut Apologize: AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की हालिया टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कंगना से सार्वजनिक रूप से मुस्लिम समुदाय से माफी मांगने की मांग की।
इसके दौरान पठान ने मुंबई के परेल इलाके में हुई झड़प, नेपाल में आई भीषण बाढ़ और न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम से जुड़े सवालों पर भी अपनी राय रखी।
एक टीवी शो में कंगना रनौत की टिप्पणी को लेकर वारिस पठान ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी से समाज में नफरत फैलती है। भाजपा से जुड़े लोग मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। कंगना रनौत अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से पूरे मुस्लिम समाज से माफी मांगें। अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों में रिश्तेदारी के अलग-अलग सामाजिक चलन हैं, इसलिए किसी समुदाय के बारे में टिप्पणी करते समय तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से भी ऐसे बयानों पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि राजनीतिक नेताओं को ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जिससे सामाजिक माहौल खराब हो।
परेल और चिंचपोकली इलाके में ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान हुई झड़प पर वारिस पठान ने मुंबई पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जुलूस में अलग-अलग समुदायों और राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोग शामिल थे और इसका संदेश अमन, शांति और भाईचारे का था।
जुलूस के दौरान एक घटना के बाद कुछ तनाव पैदा हुआ, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया। उन्होंने मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्रवाई की प्रशंसा की।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए पठान ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने दो मुस्लिम युवकों को पकड़कर उनसे जबरन धार्मिक नारे लगवाए। उन्होंने पुलिस से वीडियो की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुंबई में कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए।
पठान ने कुछ दिन पहले गणपति जुलूस के दौरान अंडा फेंके जाने की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने उस घटना की भी निंदा की थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। मुंबई शहर की पहचान आपसी प्रेम और भाईचारे की है और किसी भी समुदाय के खिलाफ उकसावे या हिंसा को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
नेपाल में आई आपदा पर वारिस पठान ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना है। पठान ने दावा किया कि नेपाल में 133 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से एक विशेष सूचना डेस्क बनाने की मांग की, ताकि नेपाल में फंसे भारतीयों के परिवारों को सही और सत्यापित जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को नेपाल सरकार के साथ मिलकर वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। साथ ही उन्होंने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत पैकेज देने की भी मांग की।
वारिस पठान ने कहा कि ऐसी त्रासदी के समय राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर मानवता के आधार पर काम करने की जरूरत है। प्रभावित परिवारों तक सही सूचना पहुंचाना और फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम में हुए विरोध को लेकर सवाल पूछे जाने पर वारिस पठान ने कहा कि इस मुद्दे पर बाद में बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता भारत में चल रहे मामलों और यहां की समस्याओं को संभालने की है।