Virar Alibaug Corridor Land Transferred To MSRDC: फडणवीस सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'विरार से अलिबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर के काम को रफ़्तार देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पालघर जिले के वसई में स्थित करीब 0.28.70 हेक्टेयर सरकारी जमीन को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है।
वसई तहसील के मौजे-पोमण गांव में सर्वे क्र./गट क्र. 211/1 और 211/2/1 की कुल 0.28.70 हेक्टेयर 'आर' श्रेणी की सरकारी जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए सौंपी गई है।
चूंकि इस प्रोजेक्ट को शासन ने 'आवश्यक सार्वजनिक प्रोजेक्ट' घोषित किया है, इसलिए महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता 1966 के नियमों के तहत यह जमीन केवल 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर के सांकेतिक दर पर 'भोगवटादार वर्ग-2' के अधिकार के साथ दी गई है। हस्तांतरण की महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की गई हैं। इसके अनुसार इस जमीन का उपयोग केवल मंजूर विरार-अलिबाग कॉरिडोर के निर्माण के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही यदि तय काम के लिए जमीन का उपयोग बंद होता है तो जमीन को बिना किसी मुआवजे के महाराष्ट्र शासन को वापस करना होगा।
इस निर्णय पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि, "विरार-अलिबाग बहुउद्देशीय मार्गिका मुंबई महानगर क्षेत्र और कोकण की कनेक्टिविटी का चेहरा बदलने वाला अत्यंत महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में इस प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण सहित सभी अड़चनें तेजी से दूर की जा रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि इस जमीन के हस्तांतरण से प्रोजेक्ट के जमीनी काम को और गति मिलेगी। भविष्य में इस पूरे क्षेत्र की ट्रैफिक जाम की समस्या हल होगी और औद्योगिक व बुनियादी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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विरार से अलिबाग तक बनने वाली यह बहुउद्देशीय सड़क मुंबई महानगर क्षेत्र को सीधे कोकण से जोड़ेगी। इससे न सिर्फ मुंबई-पालघर-रायगढ़ के बीच सफर आसान होगा, बल्कि माल परिवहन, उद्योग और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि जमीन संबंधी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। MSRDC को सौंपी गई जमीन प्रोजेक्ट के लिए अहम कड़ी मानी जा रही है।