Uddhav Thackeray Matoshree Meeting Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर खेला होने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल की सियासी उठापटक के बीच अब सबकी निगाहें मुंबई के मातोश्री पर टिकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल ही में अपने सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें उनके तेवर काफी तीखे और कुछ हद तक भावुक नजर आए।
बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने उन चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की जिनमें दावा किया जा रहा है कि उनके कुछ सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, जिन्हें जाना है, वे खुशी से जाएं; उनका भला हो। लेकिन याद रहे, जो बालासाहेब की शिवसेना छोड़कर जा रहे हैं, उन्हें भविष्य में पछतावा जरूर होगा, पर तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। उन्होंने अपने सांसदों को प्रोत्साहित करते हुए यह भी कहा, आज का दिन भले ही मेरा न हो, लेकिन कल का दिन निश्चित रूप से मेरा होगा। तब तक हमें थोड़ा धैर्य रखना होगा और संघर्ष करना होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में कुछ सांसदों की अनुपस्थिति ने अफवाहों के बाजार को और गर्म कर दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ सांसद निजी कारणों से नहीं आए, जबकि कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई। दूसरी तरफ, शिंदे गुट की ओर से ऑपरेशन टाइगर की चर्चाएं तेज हैं। दावा किया जा रहा है कि उद्धव सेना के लगभग 7 सांसद और 16 विधायक जल्द ही पाला बदल सकते हैं।
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इस बीच, आदित्य ठाकरे ने पुणे में मीडिया से बात करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए देशभर में 'तोड़फोड़' की राजनीति कर रही है। आदित्य ने विश्वास जताया कि उनके साथ जो लोग हैं, उन्हें जनता ने उद्धव ठाकरे पर भरोसा जताकर चुना है और वे वफादार रहेंगे। अब देखना यह है कि मातोश्री से निकला यह कड़ा संदेश बगावत की खबरों पर लगाम लगा पाता है या महाराष्ट्र की राजनीति में कोई नया भूकंप आने वाला है।