अमित शाह के साथ शिंदे की मुलाकात पर उद्धव ठाकरे ने कसा तंज (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

Uddhav ने शिंदे-अजित पर बोला ताबड़तोड़ हमला, बोले- बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय

Maharashtra Nikaay Chunaav: उद्धव ठाकरे ने शिंदे के दिल्ली दौरे पर निशाना साधते हुए कहा कि महायुति में बढ़ती खटपट साफ दिख रही है। उद्धव ने तंज कसते हुए कहा जो जैसा कर्म करेगा, वैसा ही फल मिलेगा।

अपूर्वा नायक

Uddhav Thackeray Statement: महायुति सरकार में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे को लेकर यूबीटी ने जोरदार तंज कसा है। पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की पार्टी ने शिंदे के जख्मों पर नमक रगड़ते हुए कहा कि 'बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।' यानी जो जैसा कर्म करेगा उसे वैसा ही फल मिलेगा।

ऐसी रिपोर्ट है कि शिंदे महाराष्ट्र में अपनी पार्टी के खिलाफ प्रदेश बीजेपी के ऑपरेशन लोटस से नाराज होकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास पहुंचे थे। हालांकि शिंदे की पार्टी शिवसेना ने विपक्ष के इन दावों को खारिज किया है।

शिंदे बिहार में नीतीश कुमार के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाए। गुरुवार को यूबीटी को शिक्षक इकाई, शिक्षक सेना के सदस्यों को संबोधित करते हुए ठाकरे महायुति में चल रही खटपट पर निशाना साधा, उद्धव ने कहा कि अगर विपक्षी दल होने के नाते हम लोग सत्ताधारी बीजेपी की आलोचना करें तो यह बात समझ में आती है लेकिन अगर सत्ता में शामिल एक दल का ने नेता अपनी सहयोगी दल की शिकायत लेकर दिल्ली पहुंचे तो यह हैरान करने वाला है।

इतने लाचार क्यों बन गए हैं

उद्धव ने शिंदे का नाम लिए बिना कहा कि वे इतने लाचार क्यों बन गए है। यह सब उनके कर्मों की सजा है। मविआ में रहते हुए शिंदे ने उद्धव के खिलाफ बगावत करते हुए शिवसेना तोड़ दी थी। बाद में बीजेपी के सहयोग से राज्य के सीएम बन गए थे। हालांकि 2024 के विस चुनाव में बीजेपी ने ज्यादा सीटें जीतने के बाद देवेंद्र फडणवीस को सीएम बना दिया और को उपमुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा। शिंदे की बगावत की वजह से उद्धव को सीएम पद छोड़ना यहा था, जिसका दर्द आज भी उनके दिल में है।

बाप ने घोटाला किया तो बेटा उससे बड़ा घोटाला करेगा

उद्धव ने डिप्टी सीएम अजीत पवार का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज बच्ची को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है, नहीं तो बाप ने घोटाला किया तो बेटा उससे बड़ा घोटाला करेगा, माना जाता है कि ठाकरे ने यह निशाना अजीत के पुत्र पार्थ के 40 एकड़ के जमीन घोटाले में कराने के संदर्भ में साधा।

ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में शिक्षा पर ध्यान कौन देगा क्योंकि सताधारी दलों के पास समय ही नहीं है। बच्चों को पढ़ाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है क्योंकि उन्हें तो पार्टियां तोड़नी है। विधायक और सांसद छीनने हैं और सत्ता में बने रहना है।

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