महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एफडीए ने कड़े कदम उठाए हैं।
नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा मानकों को सरल बनाने के लिए 15 कंप्लायंस ऑर्डर जारी किए गए हैं।
FDA Food Safety Compliance Orders: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से FDA ने पूरे राज्य में अपने अभियानों और प्रयासों को काफी तेज कर दिया है। एफडीए के प्रमुख तुकाराम मुंढे ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने एक प्रमुख प्रणालीगत पहल के तहत विभिन्न खाद्य क्षेत्रों के लिए लगभग 15 कंप्लायंस ऑर्डर जारी किए हैं।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम का प्राथमिक उद्देश्य खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs), आम नागरिकों और एफडीए के अधिकारियों के बीच नियमों को लेकर पूरी स्पष्टता, सरलता और व्यापक जागरूकता लाना है।
तुकाराम मुंढे के अनुसार, राज्य भर में जारी किए गए इन अनुपालन आदेशों का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य व्यवसाय से जुड़े सभी घटकों को यह भली-भांति समझ में आए कि उन पर कौन से नियम और कानून लागू होते हैं तथा उन्हें किस प्रकार का संचालन करना अनिवार्य है।
अक्सर देखा जाता है कि स्पष्टता के अभाव में नियमों का उल्लंघन होता है। ऐसे में इन विशेष आदेशों के जरिए एफडीए ने प्रत्येक खाद्य क्षेत्र के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों को अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया है, ताकि कोई भी कारोबारी अनजाने में नियमों का उल्लंघन न करे।
एफडीए प्रमुख तुकाराम मुंढे के इस बयान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल व्यवसायियों पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र पर भी समान रूप से जवाबदेही तय की गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि खाद्य व्यवसाय संचालक तय मानकों व नियमों का पालन करने में फेल होते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त परिणाम और दंडात्मक कार्रवाई होगी।
इसके साथ ही, यदि खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अपने अधिकारी राज्य में इन नियमों को लागू करने या उनका एनफोर्समेंट करने में असफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ भी प्रशासनिक परिणाम और कार्रवाई तय की जाएगी।
तुकाराम मुंढे ने इस बात पर विशेष बल दिया कि खाद्य सुरक्षा तंत्र में आम नागरिकों को जागरूक बनाना बेहद जरूरी है। इन अनुपालन आदेशों के माध्यम से आम जनता को भी यह जानने और समझने का अवसर मिलेगा कि बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता और स्वच्छता के लिए कौन से मानक निर्धारित हैं।
जब नागरिक जागरूक होंगे और अधिकारियों व कारोबारियों को अपने कर्तव्यों का स्पष्ट ज्ञान होगा, तब पूरे महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा का एक मजबूत और भरोसेमंद माहौल तैयार हो सकेगा।