Mumbai TB Testing Centre Safety: मुंबई में टीबी की जांच में इस्तेमाल होने वाली एमटीबी-आरआईएफ चिप के जरिए संक्रमण फैलने की आशंका को रोकने के लिए जांच केंद्रों में 'सेफ्टी' सख्त की गई है। इस्तेमाल के बाद चिप और जांच में उपयोग होने वाली सामग्री को संक्रमणमुक्त कर निर्धारित बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना अनिवार्य होगा। इसकी मदद से टीबी के संक्रमण को पूरी तरह से 'नो एंट्री' का रास्ता दिखाने में स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेग।
बताया गया है कि जांच केंद्रों को चिप के साथ पूरी जांच प्रक्रिया में जरूरी कंज्यूमेबल्स उपलब्ध कराने होंगे। 10 प्रतिशत संभावित वेस्टेज को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सामग्री की व्यवस्था से जांच के दौरान सामान की कमी नहीं होगी। इसका सीधा लाभ टीबी की जांच कराने वाले मरीजों को मिलेगा। हाल ही जारी जीआर में महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एमटीबी-आरआईएफ चिप के साथ जांच की पूरी प्रक्रिया के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
इसमें सबसे पहले ऑटो यूनिवर्सल कार्टिज बेस्ड सैपल प्रेप किट शामिल होगी। इसके रिएजेंट पैक में नमूने से न्यूक्लिक एसिड निकालने के लिए तैयार इस्तेमाल योग्य बफर्स दिए जाएंगे। कार्टिज पैक में फ्लूडिक कार्दिज होगा, जो सैपल और बफर्स को प्रोप्राइटरी मैट्रिक्स के जरिए आगे ले जाकर नमूने से न्यूक्लिक एसिड निकालने का काम करेगा, इसके साथ डिस्पोजेबल ट्रांसफर पिपेट भी उपलब्ध कराई जाएगी,
दूसरे चरण में ऑटो एमटीबी सैंपल प्री-ट्रीटमेंट पैक होगा। इसमें नमूने को तरल बनाने के लिए लिक्वीफिकेशन बफर और कोशिकाओं को तोड़कर न्यूक्लिक एसिड बाहर निकालने के लिए लाइसिस बफर दिया जाएगा। इसके साथ ग्रेजुएटेड डिस्पोजेबल ट्रांसफर पिपेट भी उपलब्ध होगी। इससे जांच के लिए लिए गए नमूने की प्रोसेसिंग तय प्रक्रिया के अनुसार की जा सकेगी।
तीसरे चरण में प्रत्येक एमटीबी माइक्रो पीसीआर चिप को अलग-अलग सीलबंद पाउच में रखा जाएगा। प्रत्येक पाउच में एमटीबी माइक्रो पीसीआर चिप, फ्रीज-ड्राइड पीसीआर रिफ्जेंट वाला माइक्रोट्यूब, डीएनएज और आरएनएज फ्री फिल्टर पिपेट टिप तथा नमी सोखने वाला डेसिकेट पाउच होगा। इससे जांच सामग्री को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।