Mumbai N.Chandrasekaran Resigns as Tata SonsChairman:158 साल पुराने टाटा समूह की 18 अगस्त को होने वाली एजीएम से ठीक 6 दिन पहले टाटा संस के चेयरमैन एन। चंद्रशेखरन ने बुधवार को अपने पद से हटने की घोषणा करते हुए समूह को बाय-बाय कह दिया। समूह की नियंत्रक संस्था टाटा ट्रस्ट्स के साथ जारी मतभेदों और बोर्ड से पूर्ण समर्थन न मिलने के कारण उन्होंने अपने कार्यकाल के अंत में सेवा विस्तार न लेने का फैसला किया।
टाटा संस में 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स और चंद्रशेखरन (63) के बीच पिछले कुछ महीनों से गहरा तनाव चल रहा था। इस वर्ष फरवरी में टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा द्वारा चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार का विरोध करने के बाद पुनर्नियुक्ति का फैसला टाल दिया गया था।
चंद्रशेखरन ने कहा कि फरवरी में हुई बोर्ड बैठक के 6 महीने बीत जाने के बाद भी कोई स्पष्ट हल नहीं निकल सका है। इतनी बड़ी संस्था में नेतृत्व पर स्पष्टता होना अनिवार्य है। वे फरवरी में कार्यकाल समाप्त होने तक अपने पद पर बने रहेंगे, चंद्रशेखरन का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब समूह पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रहा है।
एयर इंडिया का घाटा, जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) की घटती बिक्री और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में हालिया डेटा लीक का मामला समूह के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े हालिया डेटा लीक मामले ने भी समूह के सामने नई चुनौती खड़ी की है। ऐसे समय में चेयरमैन पद को लेकर सामने आया यह घटनाक्रम टाटा समूह के भविष्य के नेतृत्व और रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब समूह में अगले चेयरमैन को लेकर चर्चाएं तेज होने की संभावना है।