मछलियों का निर्यात (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

खाड़ी देशों की जंग से नवी मुंबई का मछली निर्यात ठप, तलोजा की 70 कंपनियां संकट में

Gulf Countries में जारी जंग का असर नवी मुंबई के तलोजा एमआईडीसी तक पहुंच गया है। मछलियों का निर्यात ठप होने से 70 प्रोसेसिंग कंपनियां, हजारों कर्मचारी और मछुआरे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

अपूर्वा नायक

Taloja MIDC Fish Export: खाड़ी देशों में जारी जंग के कारण नवी मुंबई के तलोजा एमआईडीसी स्थित मछली प्रोसेसिंग कंपनियों से मछलियों का निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया है। जिसकी वजह से इन कंपनियों के साथ-साथ मछली पकड़ने वाले मछुआरों पर आर्थिक संकट पैदा हो गया है।

वहीं एक्सपोर्ट बंद होने की वजह से तलोजा एमआईडीसी स्थित मछली प्रोसेसिंग की 70 कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की नौकरी पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

वहीं दूसरी तरह जिन मछुआरों से उक्त कंपनियां मछलियां खरीद रही थीं, उनसे मछलियां खरीदना बंद कर दिया है, जिसकी वजह से मछुआरों के सामने भी मछलियों को बेचने की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।

तलोजा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश शेट्टी ने नवभारत को बताया कि तलोजा एमआईडीसी में 950 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां हैं, जो विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाती हैं, इनमें से 70 कंपनियां मछली प्रोसेसिंग का काम करती हैं, यह कंपनियां मछलियों एक्सपोर्ट गल्फ कंट्रीज और अन्य देशों में करती हैं।

लेकिन खाड़ी देशों में चल रही लड़ाई के कारण मछलियों का एक्सपोर्ट बंद हो गया है। शेट्टी ने बताया कि मौजूदा समय में मछलियों का सीजन चल रहा है। यह सीजन 3 महीने तक रहेगा। क्योंकि मानसून के आगमन को देखते हुए सरकार द्वारा हर साल 15 जून या उससे पहले मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, जिसकी वजह से मानसून के खत्म होने तक मछलियों से संबंधित कारोबार बंद रहता है। यदि खाड़ी देशों में चल रही लड़ाई ऐसे ही जारी रही, तो तलोजा एमआईडीसी में मछली प्रोसेसिंग करने वाली कंपनियां दिवालिया हो जाएंगी।

तलोजा एमआईडीसी स्थित मछली प्रोसेसिंग कंपनियों के बारे में केंद्र और राज्य सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऐसे कंपनियों को सरकार से टैक्स में विशेष छूट देनी चाहिए, इन कंपनियों पर मछुआरों का कारोबार भी निर्भर है, संकट की इस घड़ी में सरकार की ओर से इन दोनों के लिए अनुदान की घोषणा करनी चाहिए।

- सतीश शेट्टी, अध्यक्ष, तलोजा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

फेब्रिकेशन से जुड़ी कंपनियों के मालिक चिंतित

  • सतीश शेट्टी ने बताया कि तलोजा एमआईडीसी में स्थित कंपनियों के प्रवेश द्वार पर ही पाइपलाइन से गैस उपलब्ध कराने के लिए पॉइंट दिए गए हैं, जिसकी वजह से यहां की अधिकांश कंपनियों को कमर्शियल गैस सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ती है।
  • एमआईडीसी द्वारा होटलों के लिए दिए गए भूखंडों के लिए भी पाइपलाइन से गैस मुहैया कराई जा रही है। जिसके चलते पाइपलाइन की गैस का उपयोग करने वाली कंपनियों पर गैस की कमी का संकट नहीं है, लेकिन यहां पर फेब्रिकेशन का कारोबार करने वाली कंपनियों में कमर्शियल गैस सिलेंडर से ही काम होता है, जिसकी कमी होने पर इन कंपनियों के कारोबार पर बुरा असर हो सकता है, इस बात को लेकर फेब्रिकेशन का काम करने वाली कंपनियों के मालिक चिंतित हैं।

नवी मुंबई से नवभारत लाइव के लिए राजित यादव की रिपोर्ट

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