Supriya Sule On Uddhav Thackeray And Eknath Shinde Shiv Sena: सर्वोच्च न्यायालय में शिवसेना के नाम और 'धनुष-बाण' चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर चल रही सुनवाई के बीच सुप्रिया सुले के बयान राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
सुप्रीम कोर्ट में ठाकरे गुट के वकील कपिल सिब्बल की आक्रामक दलीलों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की वरिष्ठ सांसद सुप्रिया सुले का बड़ा बयान सामने आया है। मीडिया से बातचीत करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि 'शिवसेना' राजनीतिक रूप से हमेशा ठाकरे परिवार की ही पहचान रही है और आगे भी रहेगी।
सुप्रिया सुले ने एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों पर हमला बोलते हुए कहा कि जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ी थी, तो उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई थी।
सुले ने कहा, "एकनाथ शिंदे को भी राज ठाकरे का अनुसरण करते हुए अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करना चाहिए था। उन्होंने जिस तरह से उद्धव ठाकरे से पार्टी और उसका अधिकार छीनने की कोशिश की, वह पूरी तरह से अनुचित था। शिवसेना अतीत में ठाकरे की थी, आज भी है और भविष्य में भी उन्हीं की रहेगी।"
अपनी बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस तरह शरद पवार से उनकी स्थापित की हुई एनसीपी (NCP) छीनी गई, ठीक उसी तरह उद्धव ठाकरे से उनकी मूल शिवसेना छीनी गई।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के नियमों की आलोचना करते हुए कहा कि देश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले सामाजिक संगठनों (NGOs) का योगदान ऐतिहासिक रहा है। भारत से पोलियो उन्मूलन में सामाजिक संस्थाओं की बड़ी भूमिका थी, लेकिन सरकार अब FCRA के जरिए इन संगठनों को देशद्रोही बताकर निशाना बना रही है, जो पूरी तरह गलत है।