

Gondia Investment Council 2026: 'वोकल टू लोकल' की संकल्पना के माध्यम से जिले के स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपड़े ने जिला निवेश परिषद-2026 के कार्यक्रम में किया। उन्होंने कहा कि गोंदिया जिले की पहचान केवल धान उत्पादन तक सीमित न रखते हुए कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन, बांस उद्योग तथा अन्य पूरक उद्योगों में बड़े पैमाने पर निवेश को बढ़ावा देने के लिए शासन प्रयासरत है। उद्यमी इन अवसरों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि गोंदिया जिले से बड़े पैमाने पर चावल का निर्यात किया जाता है। इसी तर्ज पर कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के साथ ही अन्य उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है।
जिले के औद्योगिक विकास को गति देने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर निर्माण करने तथा अधिकाधिक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से जिला नियोजन भवन में जिला निवेश परिषद-2026 का आयोजन किया गया। इस परिषद में कुल 42 सामंजस्य करार (एमओयू) हुए, जिनके माध्यम से 721 करोड़ रु. के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। जिलाधिकारी मंदार पत्की के मार्गदर्शन में आयोजित इस परिषद की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपडे ने की।
इस अवसर पर सहआयुक्त (उद्योग व सेवा) एस. एस. मुद्दमवार, अतिरिक्त कामगार आयुक्त तथा 'मैत्री' के नोडल अधिकारी रविराज इलावे, सहाय्यक आयुक्त (उद्योग व सेवा) विक्की खिराले, जिला सूचना अधिकारी अंजु निमसरकर, अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता (महावितरण), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रादेशिक अधिकारी अतुल कुमार, नाबार्ड संगठन के अध्यक्ष हुकूमचंद अग्रवाल, नमो उद्योजक, विविध उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि उद्योजक, निवेशकर्ता व शासकीय अधिकारी उपस्थित थे।
इस जिला निवेश परिषद में कुल 42 औद्योगिक इकाइयों के साथ 42 समझौता ज्ञापन किए गए। इन समझौतों के माध्यम से जिले में 721 करोड़ रु. का प्रस्तावित निवेश होगा, जिससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 1,875 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस निवेश से गोंदिया जिले के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ ही कुशल मनुष्यबल के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
प्रस्तावना मुख्य सहआयुक्त (उद्योग व सेवा) एस. एस. मुद्दमवार ने रखी। उन्होंने शासन की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं, उद्योग आयुक्तालय की पहलों तथा उद्योगों को उपलब्ध रियायतों व सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त कामगार आयुक्त तथा 'मैत्री' के नोडल अधिकारी रविराज इलावे ने 'मैत्री पोर्टल 2.0' तथा Ease of Doing Business (EoDB) के संबंध में मार्गदर्शन किया।. उन्होंने उद्यमियों को एक ही छत के नीचे 128 प्रकार के लाइसेंस व सेवाएं उपलब्ध कराने वाले इस पोर्टल की जानकारी दी।