Census 2027: सरकार ने जारी किया 40 सवालों का हाउसहोल्ड शेड्यूल, जानिए 17 अगस्त से कैसे करें सेल्फ-इन्यूमरेशन

Digital Census 2027: भारत की अगली डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारी अंतिम चरण में है। सरकार ने 40 सवालों का हाउसहोल्ड शेड्यूल जारी किया है, जिसमें कोविड-19 वैक्सीनेशन और बैंक खातों की जानकारी मांगी जाएगी।
Census 2027 graphic showing self-enumeration feature on a smartphone and August 17 start date.
सांकेतिक फोटो सोर्स- AI
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India Census 2027 Household Schedule: भारत की अगली डिजिटल जनगणना की तैयारी अब अपने अंतिम चरण में है। मोदी सरकार ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को जनगणना 2027 के लिए आधिकारिक 'हाउसहोल्ड शेड्यूल' (प्रश्नावली) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार की जनगणना में तकनीक और गहराई दोनों का संगम देखने को मिलेगा। कुल 40 सवालों की एक विस्तृत सूची तैयार की गई है, जिसमें जाति-धर्म जैसे पारंपरिक मुद्दों के अलावा अब नागरिकों से उनके कोविड-19 वैक्सीनेशन और बैंक खातों की संख्या जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी मांगी जाएंगी।

40 सवालों का महा-सर्वे, क्या-क्या पूछेगी सरकार?

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस प्रश्नावली में व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन के लगभग हर पहलू को कवर किया गया है। इसमें व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से रिश्ता, लिंग, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति और शादी के समय की उम्र जैसे बुनियादी सवाल शामिल हैं। इसके अलावा, नागरिकों को अपने माता-पिता की जानकारी, विकलांगता की स्थिति, मातृभाषा और डिजिटल साक्षरता के स्तर के बारे में भी बताना होगा। यह पहली बार है जब डिजिटल साक्षरता को इतने बड़े पैमाने पर जनगणना का हिस्सा बनाया गया है।

कोविड टीका कहां लगवाया? यह बताना होगा जरूरी

इस नई प्रश्नावली का सबसे दिलचस्प और चर्चा का विषय 'कोविड-19 वैक्सीन' से जुड़ा सवाल है। सरकार अब आधिकारिक तौर पर यह डेटा जुटाना चाहती है कि नागरिकों ने कोरोना का टीका किस जगह लगवाया था। इसके साथ ही, आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों की उपलब्धता पर भी सवाल किए जाएंगे। महिलाओं के लिए विशेष रूप से जीवित बच्चों की संख्या और प्रवास के कारणों से जुड़े प्रश्न रखे गए हैं।

स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना

जनगणना 2027 भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनसंख्या गणना होगी। सरकार इसे विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान बता रही है, जिसका उद्देश्य डिजिटल समावेशन, मजबूत डेटा सुरक्षा और प्रक्रियाओं का सरलीकरण करना है। गौरतलब है कि 2021 में होने वाली जनगणना कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी, जिससे अब यह 2027 के क्रम में आयोजित की जा रही है। भारत में पहली जनगणना 1865-1872 के दौरान हुई थी और तब से हर 10 साल में यह प्रक्रिया दोहराई जाती है।

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कब शुरू होगी घर-घर गिनती?

जनगणना का पहला चरण, जिसे 'घरों की लिस्टिंग और आवास जनगणना' कहा जाता है, पहले ही 16 अप्रैल से शुरू हो चुका है और यह 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान गणना करने वाले कर्मचारी घर-घर जाकर बुनियादी सुविधाओं और परिवार के मुखिया की जानकारी दर्ज करेंगे। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले इलाकों में यह काम 1 सितंबर से शुरू होगा। आम जनता के लिए सबसे बड़ी सुविधा यह है कि 17 से 31 अगस्त तक 'ऑनलाइन खुद से जानकारी दर्ज करने' की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का यह डिजिटल कदम न केवल डेटा को अधिक सटीक बनाएगा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को तैयार करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

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