Mumbai Slum Redevelopment: मुंबई की झोपड़पट्टियों में 14 फीट से अधिक ऊंचाई वाले घरों को नोटिस देने की प्रशासन की कथित तैयारी को लेकर बीएमसी के सदन नेता गणेश खणकर ने चिंता जताई है।
उन्होंने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर गरीब और झोपड़पट्टी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों में पैदा हो रहे भय को देखते हुए ऐसी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
गणेश खणकर ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई की करीब 40 प्रतिशत आबादी झोपड़पट्टी क्षेत्रों में रहती है। ऐसे में झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रशासनिक फैसले पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुंबई में वर्षों से बड़ी संख्या में लोग झोपड़पट्टियों में रह रहे हैं। इसलिए यदि प्रशासन की ओर से गरीब नागरिकों के घरों को लेकर ऐसे निर्देश जारी किए गए हैं, तो उन पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
खणकर ने पत्र में कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के माध्यम से मुंबई शहर में बड़े पैमाने पर झोपड़पट्टी पुनर्विकास परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।
इसके अलावा क्लस्टर योजना और अन्य पुनर्विकास योजनाओं के जरिए भी झोपड़पट्टी क्षेत्रों के विकास का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में झोपड़पट्टी निवासियों को प्रभावित करने वाली कार्रवाई से पहले पुनर्विकास की मौजूदा प्रक्रिया और वहां रहने वाले लोगों की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
गणेश खणकर ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन झोपड़पट्टी क्षेत्रों में इमारतों की स्थिति खतरनाक है और वहां रहने वाले लोगों की जान को खतरा हो सकता है, वहां नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मुंबई बीएमसी आयुक्त से इस पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ गरीब नागरिकों में अनावश्यक भय भी पैदा न हो।