

IIT Bombay Student Sahil Wakode Suicide Case: मुंबई स्थित IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा है कि घटना को केवल जातिगत नजरिये से देखना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि एक छात्र की जान गई है और जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। कदम ने यह भी कहा कि साहिल के परिजनों की CBI जांच की मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उचित निर्णय लेंगे।
योगेश कदम के अनुसार मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि यदि छात्र के साथ किसी तरह का गलत व्यवहार हुआ या उस पर दबाव डाला गया था, तो इस पहलू की भी जांच की जाए। जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
साहिल के परिजनों ने पुलिस शिकायत में कथित जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक प्रोफेसर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच समेत कई मांगें उठाईं। रिपोर्टों के अनुसार, मामले की जांच में साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों और उस पर किसी तरह के दबाव के आरोपों को भी देखा जा रहा है। मुंबई पुलिस की जांच में बाद में क्राइम ब्रांच भी शामिल हुई।
वहीं, IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच जारी है। संस्थान ने अपने पहले के संचार को लेकर खेद भी जताया है। संबंधित प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को डीन पद से हटाया गया है, जबकि मामले की जांच जारी है।
योगेश कदम ने कहा कि इस घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान छात्र की मौत की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष जांच और तथ्यों के सामने आने पर है।
मामले में परिवार की CBI जांच की मांग पर अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के स्तर पर निर्णय लिया जाना है। फिलहाल पुलिस जांच के जरिए घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की पड़ताल जारी है।