महाराष्ट्र में सूखे की घोषणा के लिए 33% से ज्यादा नुकसान जरूरी, मकरंद पाटिल ने बताया मानक

Maharashtra Agriculture News: महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने के लिए ट्रिगर-1 लागू कर दिया गया है। मंत्री मकरंद जाधव पाटिल और बाबासाहेब पाटिल के अनुसार, खरीफ मौसम के सूखे पर फैसला अक्टूबर में होगा।
Declaration of 100% drought in Maharashtra certain: Assessment to be based on scientific criteria
मंत्री मकरंद जाधव पाटिल सूखा आकलन सोर्स: नवभारत डिज़ाइन फोटो
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Maharashtra Drought Declaration Criteria Trigger: महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने के लिए वैज्ञानिक मानकों और तीन चरणों वाली प्रक्रिया तय की गई है। वर्षा की स्थिति, वनस्पति सूचकांक, बोया गया क्षेत्र, मिट्टी की नमी और भूजल स्तर जैसे मानकों के आधार पर सूखे की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

प्रत्यक्ष क्षेत्रीय सर्वेक्षण में यदि फसलों का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक पाया जाता है तो संबंधित गांव को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए पात्र माना जाएगा। राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने यह जानकारी दी।

केंद्र सरकार की संशोधित सूखा प्रबंधन संहिता, 2026 के आधार पर सूखा घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके अलावा चारे की उपलब्धता, पेयजल संकट, रोजगार की मांग और पलायन जैसे सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को भी आकलन में शामिल किया जाएगा।

खरीफ मौसम के लिए सूखा घोषित करने के संबंध में अक्टूबर में निर्णय लिया जाएगा। वहीं रबी मौसम के लिए 31 मार्च तक की समयसीमा तय की गई है। सूखाग्रस्त गांवों में पेयजल की कमी होने पर स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर तत्काल टैंकर शुरू करने का अधिकार संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।

महाराष्ट्र में 100% सूखा घोषित होगा : पाटिल

महाराष्ट्र राज्य में करीब डेढ़ महीने से बारिश गायब रहने के कारण किसानों की मुश्किले बढ़ गई है। राज्य के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। बारिश नहीं होने से सोयाबीन और कपास की फसले सूख गई है, वहीं गन्ने को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

इस गंभीर स्थिति के बीच राज्य सरकार ने सूखे के 'ट्रिगर-1' को लागू कर दिया है। इसी बीच सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राज्य में 100 प्रतिशत सूखा घोषित किया जाएगा।

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पाटिल ने कहा कि मैंने अपने जीवन में इतना भीषण सूखा कभी नहीं देखा। कोई भी फसल नहीं आई है। सोयाबीन और कपास की फसल बर्बाद हो गई है तथा गन्ने को भी नुकसान हुआ है। सूखा घोषित होना तय है।

उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के नियमों के अनुसार सरकारी सहायता दी जाएगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी जिलों के पालक मंत्रियों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए है।

मंत्रिमंडल की बैठक में रखी जाएगी रिपोर्ट

राज्य स्तर पर कृषि आयुक्त और जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सूखा निगरानी समितियां गठित है। राजस्व विभाग खरीफ फसलों की स्थिति का आकलन करेगा और इसकी सिफारिशे मंत्रिमंडल की बैठक में रखी जाएंगी। मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत से वंचित नहीं रखा जाएगा।

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