Rohit Pawar Questions Over EC Action: मुंबई के खारघर में SIR फॉर्म को लेकर एक राजनीतिक विवाद सामने आया है जेरॉक्स की एक दुकान पर हजारों SIR फॉर्म की फोटोकॉपी होने की सूचना मिलने पर ठाकरे समूह के पदाधिकारी दुकान पर पहुंचे। इस बार पता चला कि फॉर्म की फोटोकॉपी करवाने वाला व्यक्ति भाजपा युवा पदाधिकारी था।
इस मामले में 4 बीएलओ को निलंबित कर दिया गया है और पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है। हालांकि, विधायक रोहित पवार ने मांग की है कि न केवल आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, बल्कि उन्हें आदेश देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
खारघर की एक जेरॉक्स दुकान पर हजारों SIR Form की फोटोकॉपी किए जाने की सूचना मिलने पर ठाकरे समूह के पदाधिकारी दुकान पर पहुंचे। उसी दौरान ठाकरे समूह और भाजपा पदाधिकारियों के बीच झड़प हो गई।
इस मामले में 4 BLO को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन, सिर्फ बीएलओ को निलंबित करना ही काफी नहीं है, उन्हें आदेश देने का अधिकार किसके पास है? शरद पवार की एनसीपी पार्टी के विधायक रोहित पवार ने मांग की कि उन्हें भी निलंबित किया जाना चाहिए और भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायक रोहित पवार ने SIR Form की फोटोकॉपी से जुड़े मामले में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिकों की ओर से मामला सामने आने के बाद कार्रवाई की गई, लेकिन यह भी जांच का विषय है कि ऐसी कितनी घटनाएं अब तक सामने नहीं आ सकी हैं।
पवार ने सवाल किया कि यदि नागरिकों ने इस मामले का खुलासा नहीं किया होता तो क्या कार्रवाई होती? उन्होंने कहा कि केवल चार बीएलओ को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है।
जिन अधिकारियों ने उन्हें कथित तौर पर निर्देश दिए, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही संबंधित भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। पवार ने चुनाव आयोग से ऐसी घटनाओं की निगरानी और कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।