शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे (Image- IANS) 
मुंबई

लोकतंत्र में नहीं चलेगा ऐसा अपमान, मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा पर शिवसेना (यूबीटी) ने की ये मांग

GST Reforms: शिवसेना (यूबीटी) ने पीएम मोदी पर की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की। आनंद दुबे ने कहा, दोषी पर सख्त कार्रवाई हो और लोकतांत्रिक भाषा की मर्यादा बनी रहे।

अर्पित शुक्ला

Mumbui News:  शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने बिहार के दरभंगा में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ऐसी भाषा लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन है और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता ने कहा कि सिर्फ पीएम मोदी ही नहीं किसी भी नेता का अपमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए कई सारे मुद्दे हैं, लेकिन किसी के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए।

सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

उन्होंने कहा कि जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इस मामले में अपनी व्यथा बता चुके हैं, मुझे नहीं लगता है कि इस मामले को ज्यादा तूल देने की जररूत है। बिहार बंद के बाद सुचारू रूप से कार्य होगा, ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है। जीएसटी सुधारों पर उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के समय 28 प्रतिशत, 18 प्रतिशत, 12 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की दरें थीं, लेकिन अब सरकार ने 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत स्लैब को हटाकर केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दरें बरकरार रखी हैं। दुबे ने आरोप लगाया कि विपक्ष, विशेष रूप से राहुल गांधी, ने शुरू से ही 28 प्रतिशत की ऊंची दर को जनता पर बोझ बताते हुए चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने 8-9 साल तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

बिहार चुनाव के लिए नई जीएसटी दरें लाई गई

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दौरान नागरिकों से भारी कर वसूला और अब बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जीएसटी दरों में बदलाव की घोषणा की है। दुबे ने इस देरी को सरकार की उदासीनता और जनता की चिंताओं के प्रति असंवेदनशीलता का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव जीतना है इसीलिए नई जीएसटी दरें लाई गई। सरकार की अर्थनीति फेल है और जीएसटी से लोगों को परेशानी हुई, जीएसटी बदलाव को जनता भी समझ रही है।

मुश्किल समय में नाकाम रही सरकार

आनंद दुबे ने महायुति सरकार पर मराठा आरक्षण और ओबीसी समाज की नाराजगी के मुद्दों को संभालने में विफलता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुश्किल समय में नाकाम रही है। उन्होंने विशेष रूप से महायुति सरकार के मंत्री छगन भुजबल की नाराजगी का जिक्र किया। दुबे ने यह भी कहा कि मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे के दबाव में सरकार ने जल्दबाजी में सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया, जिसका उद्देश्य जरांगे के आंदोलन को समाप्त करना था। हालांकि, इस जीआर से कितना लाभ या नुकसान होगा, इस पर अभी चर्चा होनी बाकी है।

उन्होंने कहा कि महायुति सरकार दोनों समुदायों मराठा और ओबीसी के हितों को संतुलित करने में असमर्थ रही है, जिसके परिणामस्वरूप सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है।- एजेंसी इनपुट के साथ

BRICS Summit 2026 LIVE: डिनर में शामिल होने पहुंचे BRICS लीडर्स, कई राज्यों के CM-केन्द्रीय मंत्री भी मौजूद

Hindi Diwas 2026: बैंक, मोबाइल, पुलिस और टिकट...ऐसे 50 शब्द जो हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हैं एक जैसे

UP ATS का बड़ा एक्शन: अलकायदा का संदिग्ध आतंकी मोहम्मद नबील आजमगढ़ से गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े थे तार

ग्लोबल बनी भारतीय विरासत… BRICS समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सौंपा तिरुक्कुरल

BRICS Summit 2026: न्यूक्लियर डिक्लेरेशन जारी, मिडिल ईस्ट को परमाणु मुक्त बनाने और आतंक के खात्मे की अपील