Maharashtra MLC Election Hitendra Thakur: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल बीजेपी और शिंदे शिवसेना के बीच राज्य में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए शह और मात का खेल चल रहा है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बीजेपी को मात देने के लिए वसई-विरार के बाहुबली नेता हितेंद्र ठाकुर से दोस्ती कर ली है। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 17 सीटों के चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने सियासी समीकरणों को साधने में पूरी ताकत से जुट गए हैं।
सबसे बड़ी हलचल ठाणे और पालघर-वसई विरार की राजनीति में देखने को मिल रही है, जहां उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक बड़ा सरप्राइज गेम खेलने की तैयारी में है। रिपोर्ट यह भी है कि शिंदे से मिलने के लिए ठाकुर खुद ठाणे पहुंचे थे, पर उनसे मिले बिना शिंदे दिल्ली रवाना हो गए। इससे पहले बच्चू कडू ने भी एमएलसी बनने के बाद अपनी पार्टी प्रहार संगठन का शिवसेना में विलय कर दिया है।
राजनीतिक गलियारों में गर्म चर्चाओं के अनुसार, ठाणे विधान परिषद सीट से शिवसेना के मौजूदा नेता रवींद्र फाटक का पत्ता कट सकता है। उनकी जगह पालघर इलाके में मजबूत पकड़ रखने वाली बहुजन विकास आघाडी नेता हितेंद्र ठाकुर के पुत्र व पूर्व विधायक क्षितिज ठाकुर को शिंदे उम्मीदवार बना सकते हैं।
ऐसी रिपोर्ट है कि क्षितिज ठाकुर को एमएलसी की टिकट का ऑफर देने के बाद शिंदे ने बहुजन विकास आघाडी के मुखिया हितेंद्र ठाकुर को शिवसेना में विलय का भी ऑफर दिया है। ताकि आगामी चुनावों में वसई-विरार के अंदर शिवसेना की ताकत और बढ़ जाए।
शिवसेना के इस संभावित सियासी दांव और विलय की खबरों के बीच हितेंद्र ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घोड़ा मैदान नजदीक है, वक्त आने पर सभी को जवाब मिलेगा और करारा जवाब मिलेगा। ठाकुर ने यह भी साफ किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी समेत कई दल फिलहाल उनके संपर्क में हैं। उन्होंने पुरजोर दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में किंगमेकर यानी डिसाइडिंग फैक्टर सिर्फ और सिर्फ बहुजन विकास आघाडी ही है।
वसई-विरार म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में बहुजन विकास अधाड़ी का कब्जा है। उनके पास अभी 71 कॉर्पोरेटर हैं। इस बार विधान परिषद चुनाव में यह संख्या बहुत अहम है। अगर बहुजन विकास आघाड़ी शिवसेना को सपोर्ट करती है या पार्टी में मर्ज हो जाती है, तो इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा शिवसेना कैंडिडेट होगा। शिंदे गुट के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला हमारे नेता शिंदे करेंगे।
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बविआ और शिवसेना के बीच गठबंधन और पार्टी विलय को लेकर चल रही चर्चाएं समाप्त हो गई हैं। ऐसी खबरें थीं कि हितेंद्र ठाकुर और एकनाथ शिंदे के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। हितेंद्र ठाकुर से मुलाकात किए बिना ही एकनाथ शिंदे के दिल्ली रवाना होने से ये चर्चाएं रुक गईं। इसी बीच, शिंदे के दिल्ली रवाना होने से पहले, पूर्व विधायक रविंद्र फाटक ने नंदनवन बंगले में उनसे मुलाकात की। उन्होंने सांसद श्रीकांत शिंदे से भी मुलाकात की और ठाणे-पालघर विधानसभा चुनावों पर चर्चा की।