Sharad Pawar NCP Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजत पवार के अधूरे सपने को पूरा करने की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। ब्रांड बारामती और पवार परिवार के राजनीतिक वर्चस्व को बचाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के फिर से एक होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शरद पवार ने आगामी 20 मई को मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर में अपने गुट के प्रमुख नेताओं की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी का विलय और परिवार की एकजुटता है।
शरद पवार गुट ने दावा किया है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की असामयिक मृत्यु से ठीक कुछ दिन पहले दोनों गुटों के विलय की बातचीत लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। अजित पवार खुद चाहते थे कि परिवार की फूट का फायदा कोई तीसरा दल न उठाए। चर्चा यहां तक थी कि विलय का औपचारिक ऐलान होने ही वाला था, लेकिन विमान हादसे ने सब कुछ बदल दिया। अब शरद पवार उसी बातचीत को तार्किक अंत तक ले जाना चाहते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शरद पवार इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि पवार परिवार की आपसी कलह का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है। बारामती दशकों से पवार परिवार का अभेद्य गढ़ रहा है। अगर यहां विपक्षी सेंधमारी करने में कामयाब रहे, तो यह ब्रांड बारामती के लिए बड़ा झटका होगा।
पवार परिवार की सत्ता पर पकड़ बनाए रखने के लिए शरद पवार अब सुनेत्रा पवार को भी साथ लेकर चलने की योजना बना रहे हैं। जानकारों का मानना है कि सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार का एक मंच पर आना न केवल कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा, बल्कि विरोधियों के क्लीन स्वीप के इरादों पर भी पानी फेर देगा। 20 मई की बैठक में विलय की शर्तों और भविष्य की रूपरेखा पर मुहर लग सकती है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र विधान परिषद में 10 नए चेहरों की एंट्री, फडणवीस-शिंदे की मौजूदगी में ली शपथ, देखें MLC की पूरी लिस्ट
बता दें तीन दिन पहले एनसीपी के दिग्गज नेता और सांसद सुनील तटकरे ने शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि तटकरे पिछले कई दिनों से शरद पवार से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन उन्होंने खराब सेहत के कारण उन्हें समय नहीं मिल पा रहा था।