शिष्टाचार भेंट या घर वापसी का रास्ता? शरद पवार और तटकरे की मुलाकात से महायुति में बढ़ी बेचैनी

Maharashtra Politics: महीनों के इंतजार के बाद सुनील तटकरे ने शरद पवार से मुलाकात की। शरद पवार की खराब सेहत के चलते समय नहीं मिल पा रहा था। जानें इस मुलाकात के राजनीतिक मायने।
A Courtesy Call or a Path to Return Home? Sharad Pawar and Tatkare's Meeting Sparks Unease Within the Mahayuti
सुनील जटकरे व शरद पवार (सोर्स: फाइल फोटो)
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Sunil Tatkare meets Sharad Pawar: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जारी उठापटक के बीच आज एक ऐसी मुलाकात हुई है, जिसने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के दिग्गज नेता और सांसद सुनील तटकरे ने आज अंततः शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की।

बताया जा रहा है कि तटकरे पिछले कई दिनों से शरद पवार से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन पावर पॉलिटिक्स के भीष्म पितामह कहे जाने वाले शरद पवार की खराब सेहत (प्रकृती अस्वास्थ्य) के कारण उन्हें समय नहीं मिल पा रहा था। आखिरकार आज शरद पवार ने उन्हें मिलने की अनुमति दी, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक चर्चा हुई।

क्यों अहम है यह मुलाकात?

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अजित पवार गुट की नई कार्यकारिणी को लेकर विवाद चरम पर है और शरद पवार व अजित पवार गुट के विलीनीकरण (Merger) की खबरें हवा में तैर रही हैं। सुनील तटकरे, जो कभी शरद पवार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक थे, बगावत के बाद अजीत पवार के साथ चले गए थे। अब महीनों बाद हुई इस औपचारिक मुलाकात को राजनीतिक विश्लेषक केवल हाल चाल जानने तक सीमित नहीं मान रहे हैं। चर्चा है कि तटकरे दोनों गुटों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने के लिए एक सेतु (Bridge) का काम कर सकते हैं।

क्या पक रही है खिचड़ी?

हालांकि, इस मुलाकात के बाद सुनील तटकरे ने इसे एक औपचारिक भेंट बताया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले पवार परिवार और पार्टी के दोनों धड़ों का एक होना असंभव नहीं है। इस मुलाकात ने उन अटकलों को और बल दे दिया है कि क्या अजीत पवार गुट के कुछ नेता फिर से शरद पवार के नेतृत्व में लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

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