अवैध पार्किंग (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Mumbai: उपनगरीय इलाकों में सड़कों पर खड़ी सैकड़ों संदिग्ध गाड़ियां, पुलिस पर खड़े हुए सवाल

Mumbai के उपनगरीय इलाकों में भंगार गाड़ियों और अवैध पार्किंग का बढ़ता जाल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन रहा है। बिना जांच खड़ी गाड़ियों का दुरुपयोग आतंकियों द्वारा संभव हो सकता है।

अपूर्वा नायक

Mumbai On High Alert: देश की राजधानी दिल्ली में हुए बम कांड के बाद, आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

एक और मुंबई पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरप्राइज विजिट, कॉम्बिंग ऑपरेशन, नाकाबंदी, गेस्ट हाउस और शहर में छिपे अज्ञात व्यक्तियों की तलाशी अभियान चला रही है।

लेकिन इसके उलट मुंबई ट्रैफिक पुलिस और बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि दोनों विभाग के अधिकारी अपनी-अपनी कार्रवाई के दावे कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली कार बम धमाके के बाद मुंबई में पार्किंग में पिछले कुछ दिनों से खड़ी गाड़ियों के मालिकों की जांच करने और उन्हें वहां से हटाने के नोटिस देने का आदेश दिया गया है।

सतर्कता बरतते हुए बीएमसी को सड़कों पर खड़ी लावारिस और भंगार गाड़ियों को उठाने का आदेश दिया गया है। लेकिन यातायात पुलिस कथित तौर पर अवैध पार्किंगों में खड़ी गाड़ियों की न जांच कर रही है और न ही बीएमसी सड़कों पर खड़ी भंगार व अज्ञात गाड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करती दिखाई दे रही है।

कानून-व्यवस्था को हो सकता है बड़ा खतरा

खासतौर पर मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सड़कों पर भंगार गाड़ियां खड़ी हैं और अवैध पार्किंगों में गाड़ियों का जमावड़ा दिख रहा है। जिसमें ट्रॉम्बे, देवनार, मानखुर्द, पंत नगर, तिलक नगर आदि पुलिस स्टेशन के आधिकारिक क्षेत्र शामिल है।

जहां सड़कों के अलावा हाईवे पर भंगार गाड़ियां और अवैध पार्किन में सैकड़ों गाड़ियां कानून को मुँह चिढ़ाते दिख रही हैं। सूत्रों की मानें तो संदिग्ध व्यक्ति सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी होती हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति बम धमाके के लिए कार का इस्तेमाल करता है, और पुलिस तथा जांच एजेंसियों की नजर से छिपाने के लिए अवैध पार्किंग में गाड़ी खड़ी करता है। तो वह वहां महफूज रहती है। पार्किंग माफिया पैसे के लालच में चालक की पहचान भी नहीं लेते और गाड़ी की जांच भी नहीं करते हैं।

जिससे कानून-व्यवस्था को खतरा हो सकता है, और कथित तौर पर मुंबईकरों की जान खतरे में पड़ सकती है। अगर मुंबई पुलिस के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस और बीएमसी मुस्तैदी से अपनी कार्रवाई करें, तो शहर को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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