Maharashtra Child Care Scheme 2250 Rupees: महाराष्ट्र सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य के अनाथ, बेघर और अत्यंत विषम परिस्थितियों में जीवन बिता रहे बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बाल देखरेख योजना (क्रांतीज्योती सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना) संचालित कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के पात्र बालकों और देखभाल करने वालों को प्रति माह ₹2,250 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
बच्चों के पालनपोषण और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी या उनके अभिभावक के बैंक खाते में जमा की जाती है।
बच्चों को अनाथालयों या संस्थागत बालगृहों में रखने के बजाय उन्हें अपने नातेरिश्तेदारों के साथ एक सुरक्षित तथा कौटुंबिक वातावरण में रहने का अवसर मिले, यही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
पारिवारिक माहौल में रहने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है तथा उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरी सुविधाएं सुलभता से प्राप्त होती हैं। यह योजना पूरे महाराष्ट्र राज्य में विभिन्न मान्यता प्राप्त सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लागू की जा रही है।
योजना के अंतर्गत समाज के विभिन्न संकटग्रस्त और जरूरतमंद वर्गों के बच्चों को शामिल किया गया है।
अनाथ और बेघर बच्चे।
एकल अभिभावक वाले बच्चे (जिनके माता या पिता में से केवल एक ही जीवित हैं)।
गंभीर बीमारी या दिव्यांगता से ग्रस्त मातापिता के बच्चे।
जेल में सजा काट रहे कैदियों के बच्चे।
पारिवारिक हिंसा या गंभीर बीमारियों से पीड़ित परिवारों के बच्चे।
बाल श्रमिक और सड़कों पर रहने वाले बच्चे।
बाल कल्याण समिति द्वारा देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले घोषित बच्चे।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं।
बालक का महाराष्ट्र का निवासी होना अनिवार्य है।
परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2,50,000 से कम होनी चाहिए।
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
आवेदन पत्र के साथ दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है।
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या बोनाफाइड सर्टिफिकेट।
परिवार का आय प्रमाण पत्र।
बच्चे का आधार कार्ड।
बच्चा और उसके अभिभावक/संगोपनकर्ता के संयुक्त बैंक खाते का पासबुक।
बच्चे की अपने मातापिता या संगोपनकर्ता के साथ घर के सामने ली गई तस्वीर।
लागू होने की स्थिति में, मातापिता का मृत्यु प्रमाण पत्र।
स्कूल में पढ़ाई कर रहे बच्चों के लिए स्कूल का बोनाफाइड सर्टिफिकेट।
मुंबई जिले में इस योजना का क्रियान्वयन सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रवास फाउंडेशन और मानव विकास फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है।
पात्र बच्चों के अभिभावक या रिश्तेदार अपना आवेदन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, स्थानीय बाल कल्याण समिति या मान्यता प्राप्त NGOs के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
कार्यालय का पता: जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, मुंबई शहर, पहली मंजिल, 117 बीडीडी चाल, वर्ली, मुंबई – 400018।
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर: 1098।