

CM Devendra Fadnavis Speech At The Governance Challenge 2026: फाइनेंस, इंडस्ट्री, एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे रहने वाला महाराष्ट्र अब स्टार्टअप्स की संख्या और उनके कामकाज, दोनों ही मामलों में भारत की स्टार्टअप राजधानी के तौर पर उभरा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उम्मीद जताई कि यह ताकत और युवाओं की रिसर्च क्षमता मिलकर भविष्य में महाराष्ट्र को ग्लोबल इनोवेशन हब बना देगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने गेट्स फाउंडेशन और समग्र संस्था के समन्वय के माध्यम से जमशेद भाभा थिएटर (NCPA) में आयोजित 'द गवर्नेंस चैलेंज' प्रतियोगिता के चौथे एडिशन के विजेताओं को अवॉर्ड दिए। इस मौके पर मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और MITRA गवर्निंग काउंसिल के सदस्य दीपक करंजिकर भी मौजूद थे।
समग्र के CEO गौरव गोयल ने प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद चुनी गई छह टीमों ने अपने-अपने विषयों पर प्रेजेंटेशन दिए। प्रतियोगिता का विषय 2035 तक रिसर्च के क्षेत्र में महाराष्ट्र को आगे ले जाने के लिए नए और इनोवेटिव आइडिया तैयार करना था।
'द गवर्नेंस चैलेंज' कॉम्पिटिशन के फाइनल राउंड में छह टीमों ने अलग-अलग सेक्टर से जुड़े नए और अनोखे आइडिया पेश किए। इस कॉम्पिटिशन में, IIM मुंबई के शुभम पाटिल, वरुण दामले और संहिता म्हात्रे ने हेल्थकेयर सेक्टर में इनोवेशन पेश किए।
J.J. मेहता स्कूल ऑफ बिजनेस, मुंबई के आयुष मेहता और नीलेश ने एग्रीकल्चर सेक्टर में, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की अरिशा बटाला, ऋतिक जैन और तरन पुरी ने एजुकेशन सेक्टर में इनोवेशन पेश किए। BITS स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से फाइनेंस में श्रेष्ठ भट, तरुण शेखावत और अपूर्वा शर्मा, IIM रांची से ‘गवर्नेंस में इनोवेशन’ में हिमांशु पाटिल, मजहर शेख और मोहक चांडक, और मास्टर्स यूनियन स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्बन डेवलपमेंट में अंकिता शिर्के, सिद्धार्थ राजपाल और गुरुप्रसाद शेट्टी ने इनोवेशन पेश किए।
मास्टर्स यूनियन स्कूल ऑफ बिजनेस की अंकिता शिर्के, सिद्धार्थ राजपाल और गुरुप्रसाद शेट्टी की टीम ने अर्बन डेवलपमेंट में इनोवेशन पर अपनी प्रेजेंटेशन के लिए 5 लाख रुपए का पहला इनाम जीता। 3 लाख रुपए का दूसरा इनाम इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की अरिशा बटाला, तरन पुरी और ऋतिक जैन की टीम को एजुकेशन पर उनकी प्रेजेंटेशन के लिए मिला। इसके अलावा, 1 लाख रुपए का तीसरा इनाम IIM मुंबई की शुभम पाटिल, वरुण दामले और संहिता म्हात्रे की टीम को हेल्थकेयर में इनोवेशन पर उनकी प्रेजेंटेशन के लिए दिया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि ऐसे टैलेंट और आइडिया खोजने की पहल है जो महाराष्ट्र और देश के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे को आकार देंगे। सरकार का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल गवर्नेंस, शहरीकरण, खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और इनोवेशन इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में प्रशासन में नई पीढ़ी के नजरिए को शामिल करना है। 2047 तक विकसित भारत और विकसित महाराष्ट्र बनाने में युवा अहम भूमिका निभाएंगे।
राज्य के हर हिस्से जैसे नागपुर, नासिक, कोल्हापुर, नांदेड़ और अमरावती के युवा शोधकर्ताओं को मेंटरशिप, टेक्नोलॉजी, इनक्यूबेशन सुविधाओं और बाजार तक पहुंच मिलनी चाहिए। महाराष्ट्र में एक व्यापक इनोवेशन इकोसिस्टम बनाया जा रहा है, जो क्लासरूम के कॉन्सेप्ट से लेकर ग्लोबल कंपनी बनने तक, और शुरुआती विचार से लेकर ठोस नतीजों और ग्लोबल विस्तार तक की पूरी यात्रा को कवर करता है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने जोर दिया कि हैकाथॉन सिर्फ सर्टिफिकेट देने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, असली महत्व तो उन विचारों को असल में लागू करने में है जो वहां सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि देश के कुल स्टार्टअप्स में से 18 प्रतिशत महाराष्ट्र में हैं। 30,000 से ज्यादा स्टार्टअप्स के साथ, राज्य देश में सबसे आगे है। नए विचारों पर रिसर्च करने, उन्हें टेस्ट करने और लागू करने के लिए स्टार्टअप्स, इंडस्ट्रीज़ और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग ज़रूरी है। 'M-Hub' को राज्य के पहले डेडिकेटेड स्टार्टअप इनक्यूबेटर के तौर पर विकसित किया जा रहा है। नवी मुंबई में 300 एकड़ जमीन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी पर केंद्रित एक 'इनोवेशन सिटी' बनाई जाएगी।
महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2026 के तहत, दो लाख युवाओं और प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग दी जाएगी और AI-आधारित रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए पूरे राज्य में AI इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भरोसा भी जताया कि सरकारी डेटा युवा इनोवेटर्स की नई रिसर्च के लिए आधार का काम करेगा।
महाराष्ट्र में 87 यूनिवर्सिटी, लगभग 5,500 कॉलेज और 45 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स के साथ राज्य का भविष्य संवारने की क्षमता है। सरकार उन युवाओं को लगातार प्रोत्साहित करेगी जो नए और अनोखे आइडिया लेकर आगे आते हैं। 2015 से, अलग-अलग क्षेत्रों के युवा प्रोफेशनल्स के सात ग्रुप्स को 'मुख्यमंत्री फेलोशिप प्रोग्राम' के ज़रिए सीनियर एडमिनिस्ट्रेशन के साथ सीधे काम करने का मौका मिला है।
महाराष्ट्र ने 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी और 2035 तक दो ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में इनोवेशन मुख्य भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी साफ किया कि राज्य का मकसद ग्लोबल मार्केट के लिए महाराष्ट्र में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी विकसित करना और उसे व्यवस्थित करना है।
अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार, कॉर्पोरेट सेक्टर और मार्केट का एक-दूसरे के पूरक के तौर पर काम करना जरूरी है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इनोवेशन में अपने दम पर टिके रहने की क्षमता होनी चाहिए। सिर्फ़ फंडिंग देने के अलावा, सरकार इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने में एक मददगार (फैसिलिटेटर) की भूमिका निभा रही है।
साथ ही, मुख्य सचिव अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि काम के लायक इनोवेशन को बिना किसी गैर-जरूरी सरकारी दखल के विकसित होने का मौका मिलना चाहिए। 'MITRA' के सदस्य दीपक करंजिकर और गेट्स फ़ाउंडेशन के डिप्टी डायरेक्टर अर्नव कपूर ने भी अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम में अलग-अलग सरकारी विभागों के एडिशनल चीफ़ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और सेक्रेटरी के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स भी शामिल हुए।