Sanjay Raut Demands Bharat Ratna For Gyanesh Kumar: पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न चुनावों के संदर्भ में देश की राजनीति में जबर्दस्त घमासान शुरू हो गया है। BJP द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज की सराहना करते हुए उन्हें नागरिक सम्मान देने की मांग उठाए जाने के बाद, ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है।
संजय राउत ने बेहद उपरोधिक और तंजभरे लहजे में कहा कि ज्ञानेश कुमार को सिर्फ 'पद्म भूषण' ही क्यों, उन्हें तो सीधा भारतरत्न दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके नाम की सिफारिश नोबेल पुरस्कार के लिए करनी चाहिए।
राजनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कुशल नेतृत्व में राज्य में निष्पक्ष और बेहद शांतिपूर्ण माहौल में चुनाव संपन्न हुए हैं, इसलिए उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार प्रदान किया जाना चाहिए।
इस मांग पर कड़ा एतराज जताते हुए संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा, ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देकर उनका छोटा सम्मान क्यों कर रहे हैं? देश में लोकतंत्र को खड्डे में धकेलने, करोड़ों मतदाताओं के संविधान द्वारा दिए गए पवित्र अधिकार को डिक्टेटरशिप से छीनने के लिए ज्ञानेश कुमार को सीधे भारतरत्न से ही नवाजा जाना चाहिए।
संजय राउत यहीं नहीं रुके, उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए आगे कहा कि जो बीजेपी नेता लोकतंत्र के ऐसे शत्रुओं के लिए पद्म पुरस्कार मांग रहे हैं, उनके दिमाग को दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में प्रदर्शनी के लिए रखा जाना चाहिए, ताकि पूरी दुनिया को यह पता चल सके कि देश में इस तरह की मांग भी उठ सकती है।
संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लोकतंत्र का हत्यारा करार देते हुए दोनों के तुरंत इस्तीफे की आग्रही मांग की। राउत ने सीधा आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और गृह मंत्री अमित शाह के सीधे दिशा-निर्देशों पर ही यह सारा मनमाना कारोंबार चल रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे तुरंत अमित शाह और ज्ञानेश कुमार दोनों का इस्तीफा लें। इसके साथ ही राउत ने NDA के प्रमुख घटक दलों के नेताओं एन चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा से भी अपील की कि वे इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं और प्रधानमंत्री पर इस्तीफे का दबाव बनाएं।