शरद पवार-संजय निरुपम-उद्धव ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

शरद पवार की हैसियत नगरसेवक जितनी! संजय निरुपम ने कसा तंज, उद्धव को बताया महाराष्ट्र की राजनीति का असली 'जयचंद'

Sanjay Nirupam: महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026 के परिणामों के बाद 'जयचंद' शब्द पर छिड़ी सियासी जंग अब और तेज हो गई है। संजय राउत के बयान पर पलटवार करते हुए संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधा।

प्रिया जैस

Uddhav Thackeray Jaychand Remark: शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत द्वारा डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को ‘जयचंद’ कहे जाने पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र की राजनीति में सही मायनों में कोई ‘जयचंद’ है तो वह उद्धव ठाकरे हैं।

निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान 2019 की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद की लालसा में उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और बाद में शरद पवार के साथ गठबंधन कर शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा से समझौता किया, जो एक बड़ा धोखा था। इस फैसले से शिवसेना के भीतर भारी निराशा और पीड़ा फैली और पार्टी की वैचारिक पहचान को नुकसान पहुंचा।

शिवसेना में पैदा हुई इसी अस्थिरता को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने ठीक किया। उन्होंने शिवसेना को फिर से भारतीय जनता पार्टी के साथ जोड़ा और हिंदुत्व के सिद्धांतों पर आधारित सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। निरुपम ने कहा कि शिवसेना की मूल विचारधारा के सच्चे वारिस के रूप में शिंदे ने एक सकारात्मक और साहसिक कदम उठाया, जबकि उद्धव ठाकरे ने गद्दारी की राजनीति की।

यूबीटी और एनसीपी-एसपी कमजोर

उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत इसी तरह के नकारात्मक और भ्रामक प्रचार में लगे रहते हैं, लेकिन इससे उनकी पार्टी की हालत और खराब होती जा रही है। निरुपम ने आगे कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार गुट की स्थिति कमजोर हो चुकी है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस लगभग खत्म हो चुकी है और शरद पवार की राजनीतिक हैसियत भी सिमटकर नगरसेवक स्तर तक रह गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन दलों और नेताओं ने इस तरह की बयानबाजी बंद नहीं की, तो उनकी बची-खुची साख भी खत्म हो जाएगी।

मुंबई के मेयर पद पर बोले संजय निरुपम

मुंबई के मेयर पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर संजय निरुपम ने साफ कहा कि अगला मेयर महायुति गठबंधन से ही होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी मेयर बनेगा, वह शिवसेना के समर्थन के बिना संभव नहीं है। निरुपम ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक बड़ी पार्टी है और उसके पास ज्यादा नगरसेवक हैं, इसलिए अगर भाजपा से कोई नाम सामने आता है, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

हालांकि उन्होंने दोहराया कि शिवसेना के समर्थन के बिना कोई मेयर नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा और शिवसेना के रिश्तों को लेकर अटकलों में पड़ने की बजाय यह समझना चाहिए कि मुंबई का अगला मेयर महायुति गठबंधन से होगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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