Rohit Pawar Slams Bageshwar Baba: महाराष्ट्र की राजनीति में युवा नेता रोहित पवार ने एक साथ दो मोर्चों पर महायुति सरकार और हिंदुत्ववादी विचारधारा को कटघरे में खड़ा कर दिया है। रोहित पवार ने बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) के 'चार बच्चे' वाले बयान को 'मनुवादी मानसिकता' का प्रतीक बताया है। साथ ही, उन्होंने एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों से मराठा साम्राज्य का नक्शा हटाए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक बच्चा आरएसएस (संघ) को देने की सलाह दी थी। इस पर रोहित पवार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह भोंदू बागेश्वर बाबा महिलाओं को केवल बच्चा पैदा करने की मशीन समझता है। यह मनुवादी पुरुष सत्तात्मक मानसिकता का लक्षण है, जिसने हमेशा महिलाओं को दोयम दर्जे का स्थान दिया है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने इसी मानसिकता के कारण मनुस्मृति का दहन किया था। रोहित पवार ने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर बाबा को इतनी ही चिंता है, तो उन्हें इसकी शुरुआत खुद से करनी चाहिए और भाजपा नेताओं को भी यही सलाह देनी चाहिए। उन्होंने इसे 'नारी शक्ति वंदन' का अपमान करार दिया।
बागेश्वर बाबा के साथ-साथ रोहित पवार ने शिक्षा प्रणाली में हो रहे बदलावों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीईआरटी ने कक्षा 8वीं की हिंदी की किताब के बाद अब अंग्रेजी की किताब से भी मराठा साम्राज्य के विस्तार का नक्शा हटा दिया है। रोहित पवार के मुख्य आरोप:
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रोहित पवार का यह आक्रामक रुख दर्शाता है कि आगामी चुनावों में विपक्ष 'अस्मिता' और 'विचारधारा' के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। एक तरफ जहां वे प्रगतिशील महाराष्ट्र की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे मराठा गौरव को आधार बनाकर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहे हैं।