

Bageshwar Baba Shivaji Maharaj Controversy: नागपुर में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को लेकर दिए गए विवादित बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। रोहित पवार ने न केवल बागेश्वर बाबा को 'भोंदू' (पाखंडी) करार दिया, बल्कि राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर इस बाबा को दोबारा महाराष्ट्र में घुसने दिया गया, तो परिणाम गंभीर होंगे।
नागपुर के कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने दावा किया था कि "शिवाजी महाराज युद्ध लड़ते-लड़ते थक गए थे और उन्होंने अपना मुकुट समर्थ रामदास स्वामी के चरणों में रख दिया था।" इस पर रोहित पवार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तथाकथित बागेश्वर नामक भोंदू का बयान अत्यंत संतापजनक है। शिवाजी महाराज कभी थकने वाले योद्धा नहीं थे, उन्होंने मरते दम तक स्वराज के लिए संघर्ष किया। यह कहना कि 'महाराज थक गए थे', उनके शौर्य और महाराष्ट्र की अस्मिता का घोर अपमान है।
रोहित पवार ने इस बात पर भी गहरा दुख और गुस्सा जताया कि जब यह अपमानजनक टिप्पणी की जा रही थी, तब मंच पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और संघ प्रमुख मोहन भागवत जैसे प्रभावशाली नेता मौजूद थे। उन्होंने पूछा कि राज्य के भाग्यविधाता कहे जाने वाले इन नेताओं ने उसी समय बाबा को क्यों नहीं रोका? रोहित पवार के अनुसार, सत्ताधारियों की मौजूदगी में महाराज का अपमान होना यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं।
रोहित पवार ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया कि बागेश्वर बाबा की महाराष्ट्र में एंट्री बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस भोंदू बागेश्वर ने पहले भी संत तुकाराम महाराज और संत ज्ञानेश्वर माऊली के बारे में जहर उगला था। अब शिवछत्रपति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह भोंदू इसके बाद महाराष्ट्र में नजर नहीं आना चाहिए, अन्यथा सरकार और इस बाबा दोनों को यह बहुत महंगा पड़ेगा।
रोहित पवार ने कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने वाली ऐसी 'भाकड़ कथाओं' (मनगढ़ंत कहानियों) का उद्देश्य केवल समाज में भ्रम फैलाना और महाराष्ट्र की गौरवशाली परंपरा को नीचा दिखाना है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस मामले का संज्ञान ले और महाराज का अपमान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे।