जुहू गली पुनर्विकास परियोजना (सौ. सोशल मीडिया एक्स ) 
मुंबई

28 हजार परिवारों को मिलेगा नया आशियाना, रिलायंस ने जीती मुंबई की मेगा SRA परियोजना

Reliance Wins Juhu Galli SRA Redevelopment Project: जुहू गली स्लम पुनर्विकास परियोजना का जिम्मा रिलायंस समूह को मिला है। परियोजना के तहत 28 हजार से अधिक पात्र परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा।

अपूर्वा नायक

Reliance Wins Juhu Galli SRA Redevelopment Project News: मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित जुहू गली का नक्शा अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। करीब 101 एकड़ में फैली इस विशाल झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास की महत्वाकांक्षी परियोजना रिलायंस इंडस्ट्रीज के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने अपने नाम कर ली है।

लगभग 700 करोड़ रुपए की ट्रांजिट किराया प्रतिबद्धता और सबसे ऊंची बोली के दम पर रिलायंस ने इस मेगा एसआरए परियोजना में बाजी मारी है। परियोजना के तहत 28 हजार से अधिक पात्र परिवारों को पक्के आशियाना उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे हजारों झुग्गीवासियों के पुनर्वास का वर्षों पुराना सपना साकार होने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र के भौतिक स्वरूप को बदलेगी, बल्कि मुंबई के क्लस्टर पुनर्विकास मॉडल के लिए भी एक नई मिसाल साबित हो सकती है।

झुग्गीवासियों के पुनर्वास का सपना होगा साकार

अंधेरी पश्चिम स्थित जुहू गली की 101.36 एकड़ में फैली विशाल झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास का जिम्मा रिलायंस इंडस्ट्रीज के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को मिला है। एसआरए की निविदा प्रक्रिया में रिलायंस 4 आईआर रियल्टी डेवलपमेंट लिमिटेड और महादेव रियल्टर्स जुहू के संयुक्त उपक्रम ने सबसे ऊंची बोली लगाकर परियोजना अपने नाम कर ली।

यह परियोजना मुंबई की सबसे बड़ी क्लस्टर पुनर्विकास योजनाओं में से एक मानी जा रही है। एसआरए द्वारा जारी निविदा में रिलायंस समूह के अलावा जिंदल साउथ वेस्ट और शापूरजी पल्लोनजी समूह ने भी भाग लिया था। हालांकि, रिलायंस के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने सबसे अधिक 35.10 प्रतिशत प्रीमियम की पेशकश कर प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया।

आमतौर पर डेवलपर रेडी रेकनर दर का 25 प्रतिशत प्रीमियम एसआरए को देते हैं, लेकिन इस परियोजना में रिलायंस ने इससे काफी अधिक प्रीमियम देने की पेशकश की है। परियोजना के तहत 28 हजार से अधिक पात्र झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए नए आवासों का निर्माण किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार की क्लस्टर पुनर्विकास नीति के अंतर्गत संचालित इस योजना का उद्देश्य ऐसे बड़े झुग्गी समूहों का पुनर्विकास करना है, जहां पारंपरिक स्लम पुनर्वास मॉडल प्रभावी साबित नहीं हो पाए हैं।

सरकार की नई नीति

  • महाराष्ट्र सरकार ने हाल के वर्षों में स्लम पुनर्विकास को बढ़ावा देने के लिए कई बदलाव किए हैं। नई नीति के तहत बड़े स्लम क्लस्टर प्रोजेक्ट्स को अतिरिक्त विकास अधिकार और अन्य सुविधाएं दी गई हैं, जिससे बड़े उद्योग समूहों की रुचि बढ़ी है। परियोजना के दौरान निवासियों को अस्थायी आवास और किराया सहायता दी जाएगी।
  • इसके लिए रिलायंस को बड़ी राशि सुरक्षा जमा और किराया भुगतान के रूप में जमा करनी होगी, ताकि पुनर्विकास प्रक्रिया प्रभावित न हो। धारावी पुनर्विकास परियोजना के बाद यह मुंबई का एक और बड़ा स्लम रिडेवलपमेंट मॉडल माना जा रहा है। रिलायंस की एंट्री से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और विकास दोनों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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