Cooperative Bank Director Tenure Cooling Off Rule: देश में बैंकिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंकों के खिलाफ एक बहुत बड़ा और कड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। रिजर्व बैंक ने शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के सहकारी बैंकों के 33 गवर्नेस (संचालन) नियमों को तत्काल प्रभाव से बेहद सख्त कर दिया है।
आरबीआई की तरफ से जारी नए आदेश के अनुसार अब सहकारी बैंकों का कोई भी निदेशक लगातार 10 साल तक बोर्ड में रहने के बाद उसी बैंक में दोबारा चुनाव या सह-योजन के जरिए तब तक निदेशक नहीं बन सकता जब तक वह 3 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड पूरा न कर ले। सरकार और आरबीआई ने यह कदम उन निदेशकों को रोकने के लिए उठाया है - जो नियमों की कमियों का फायदा उठाकर हेरफेर कर रहे थे।
बैंकिग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 ने शहरी सहकारी बैंको राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के निदेशकों के अधिकतम लगातार कार्यकाल को 8 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया था लेकिन आरबीआई ने जांच में पाया कि कुछ निदेशक इस कानून का गलत फायदा उठा रहे थे। आरबीआई ने नए नियमों में पैराग्राफ 7ए जोड़कर इस चौर दरवाजे को हमेशा के लिए बंद कर दिया है।
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