Sahil Wakode IIT Bombay Probe Demands: आईआईटी मुंबई में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले सहित रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के पदाधिकारी आईआईटी बॉम्बे में निदेशक से मिलकर अपना विरोध जताया।
आठवले ने आईआईटी मुंबई के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे को ज्ञापन सौंपकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न मांगें रखीं।
पार्टी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि संगठन ने दावा किया कि साहिल ने जेईई में 614 अंक हासिल कर आईआईटी मुंबई में प्रवेश लिया था और एम.टेक एनर्जी साइंस में 8.5 सीजीपीए प्राप्त किया था।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन मिलने के मामले में उसे कथित रूप से अपमानित किया गया, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया।
रामदास आठवले ने साहिल वाकोडे के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ उन लोगों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए, जिनके खिलाफ परिवार ने आरोप लगाए हैं। आठवले ने संबंधित विभागीय प्रोफेसरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग रखी।
साथ ही, उन्होंने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने साहिल के परिवार की शिकायत के आधार पर पहले ही इस कानून की धाराएं मामले में जोड़ी हैं और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।
ज्ञापन में आईआईटी बॉम्बे में अध्ययनरत एससी विद्यार्थियों से जुड़ी भेदभाव की शिकायतों की जांच के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की गई है। साथ ही, एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए अलग काउंसलिंग विभाग शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि विद्यार्थियों को शैक्षणिक और व्यक्तिगत समस्याओं में संस्थागत सहायता मिल सके।
ज्ञापन में कहा गया कि संस्थान में विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनके समाधान की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। इसके अलावा, साहिल वाकोडे के परिवार के एक सदस्य को पुनर्वास के तहत सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई है।